- ईरान और अमेरिका इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बना रहे हैं
- अमेरिका के कई अधिकारी और ट्रंप के दामाद कुशनर इस्लामाबाद पहले ही वार्ता के लिए पहुंच चुके हैं
- पाकिस्तान ने वार्ता के सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट और होटल के आसपास क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर रखा है
न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान आज अमेरिका के साथ शांतिवार्ता के लिए इस्लामाबाद में एक प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है. हालांकि, ईरान ने शर्त रखी कि ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ भी उपस्थित रहेंगे, लेकिन तभी जब जेडी वेंस भी उपस्थित रहेंगे. दोनों पक्ष संकेत दे रहे हैं कि वे गंभीर हैं. दोनों पक्ष यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि दूसरा पक्ष पहले प्रतिबद्धता दिखाए.
ईरान-अमेरिका से कौन नेतृत्व करेगा
सोमवार दिन में मिले-जुले संकेत देने के बावजूद, अमेरिका और ईरान दोनों ने सोमवार रात संकेत दिए कि वे इस सप्ताह पाकिस्तान में शांति वार्ता के लिए वार्ताकार भेजने की योजना बना रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के मंगलवार को वाशिंगटन से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने की उम्मीद है. दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, और दो ईरानी अधिकारियों ने कहा कि गालिबाफ और वेंस इस शांति वार्ता को एक बार फिर लीड करेंगे.
ट्रंप ईरान के इन्कार के बाद भी थे पॉजिटिव
सूत्रों का कहना है कि अमेरिका के पहले ही अधिकारी इस्लामाबाद में मौजूद हैं. रविवार से सोमवार के बीच छह हवाई जहाज इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं. दावा तो ये भी किया जा रहा है कि ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी इस्लामाबाद ईरान से वार्ता के लिए पहुंच चुके हैं. ईरान के रविवार रात से लगातार निर्णय नहीं लेने और एक तरह से इन्कार करने के कारण मामला टलता नजर आ रहा था, मगर ट्रंप लगातार संकेत दे रहे थे कि वार्ता इस्लामाबाद में तय है. ट्रंप ने पीबीएस न्यूज को सोमवार को बताया कि ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त होने पर 'कई बम फटने लगेंगे'. हमारी बस एक ही मांग है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षा छोड़ दे,बस. संघर्ष सुलझने पर गैस की कीमतें 'तेजी से गिरेंगी'. अमेरिकी वार्ताकार अभी भी इस्लामाबाद में बातचीत की तैयारी कर रहे हैं.
कैसे माना ईरान
हालांकि, अभी तक ईरान या अमेरिका की ओर से कंफर्म नहीं किया गया है कि उनकी ओर से प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद वार्ता के लिए जा रहा है. पाकिस्तान ने पहली से ही एयरपोर्ट से लेकर होटल तक के एरिया को रेड जोन में कर रखा है. ऐसे में हो सकता है कि बगैर कंफर्म किए भी दोनों तरफ से नेतागण वार्ता के लिए पहुंच जाएं. साथ ही ये भी है कि ट्रंप ने आज ही ईरान से बातचीत के लिए सिर्फ एक शर्त रखी है कि वो न्यूक्लियर हथियार का सपना छोड़ दे. इससे पहले ट्रंप लंबी लिस्ट लिए हुए थे. ऐसा लगता है कि इसके बाद ही ईरान ने वार्ता में शामिल होने का फैसला किया है.
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