- इंडोनेशिया के तट के पास इटली की कंपनी एनी ने विशाल प्राकृतिक गैस और कंडेनसेट का नया भंडार खोजा है
- यह खोज 2028 तक एनी की गैस उत्पादन क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 3000 एमएमएससीएफडी तक ले जाने में मदद करेगी
- इंडोनेशिया वर्तमान में जितनी गैस उपयोग करता है उससे अधिक गैस उत्पादन करता है और मांग लगातार बढ़ रही है
जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान की जंग के कारण दुनिया भर में गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत मची हुई है, तब एक बड़ी खबर सामने आई है. दुनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश में गैस का खजाना मिला है. हम बात कर रहे हैं इंडोनेशिया की. AFP की रिपोर्ट के अनुसार इटली की ऊर्जा कंपनी एनी ने इंडोनेशिया के तट के पास प्राकृतिक गैस का एक "बहुत बड़ा" नया भंडार मिलने की घोषणा की है. इंडोनेशियाई सरकार ने कहा कि इससे 2028 तक उस यूरोपीय कंपनी का देश में उत्पादन तीन गुना हो जाएगा.
बता दें कि दक्षिण-पूर्व एशिया का यह द्वीपीय देश पहले से ही खुद जितनी गैस इस्तेमाल करता है उससे ज्यादा गैस पैदा करता है. इस गैस की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इसका इस्तेमाल खाना बनाने, घर गर्म करने और बिजली बनाने में होता है.
इतना गैस की भारत के दो सालों की डिमांड पूरी हो जाए
सोमवार देर रात जारी एक बयान में एनी ने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार, इंडोनेशिया पूर्वी कालिमंतन प्रांत के तट से करीब 70 किलोमीटर दूर इस जगह में लगभग 5.0 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस और 300 मिलियन बैरल कंडेनसेट (एक तरह का तरल हाइड्रोकार्बन) मौजूद है. 2023-2024 तक भारत की नेचुरल गैस की खपत लगभग 2.3 से 2.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट हर साल की थी.
इंडोनेशिया के ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बहलिल लहदालिया ने कहा, "यह एक बहुत बड़ी खोज है. गैस के अलावा, 2028 तक हम करीब 90,000 बैरल कंडेनसेट भी बनाएंगे. और 2029–2030 में यह बढ़कर 1,50,000 बैरल तक हो सकता है." उन्होंने कहा कि कंडेनसेट का ज्यादा उत्पादन होने से तेल के आयात में कमी आएगी. बता दें कि दुनिया के कई देशों की तरह, मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद से इंडोनेशिया पर भी बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों का दबाव पड़ा है.
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