
न्यूयॉर्क:
अमेरिका ने भारत द्वारा बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोलने के फैसले का एक ‘निर्णायक’ और ‘साहसी’ कदम करार दिया है। उसने कहा है कि इससे वैश्विक निवेशकों को भारत के बारे में एक सही संदेश जाएगा। अमेरिका के आर्थिक विकास, ऊर्जा तथा पर्यावरण विभाग के कनिष्ठ मंत्री रॉबर्ट हॉर्मेट्स ने नौवें सालाना भारतीय निवेश मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने हाल में जो कदम उठाए हैं उनसे निवेशकों को यह संदेश जाएगा कि भारत में आर्थिक माहौल निवेश विदेशी निवेश के अनुकूल है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा खुदरा, प्रसारण, विमानन तथा बिजली व्यापार बाजार को विदेशी निवेश के लिए खोलने से देश की वृद्धि की कहानी को लेकर नई आशा पैदा हुई है।
हॉर्मेट्स ने कहा कि भारत सरकार ने पिछले सप्ताह नियमन के क्षेत्र में कई साहसी फैसले लिए। इसके तहत बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति के अलावा विमानन, बिजली ग्रिड तथा प्रसारण क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति के फैसले निर्णायक हैं।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था ज्यादा मजबूत, दक्ष, बचाव क्षमता वाली और समावेशी विकास वाली साबित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि जब भारत के आधुनिक विकास का इतिहास लिखा जाएगा तो इन सुधारों की तारीख का इसमें उल्लेख जरूर होगा।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा खुदरा, प्रसारण, विमानन तथा बिजली व्यापार बाजार को विदेशी निवेश के लिए खोलने से देश की वृद्धि की कहानी को लेकर नई आशा पैदा हुई है।
हॉर्मेट्स ने कहा कि भारत सरकार ने पिछले सप्ताह नियमन के क्षेत्र में कई साहसी फैसले लिए। इसके तहत बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति के अलावा विमानन, बिजली ग्रिड तथा प्रसारण क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति के फैसले निर्णायक हैं।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था ज्यादा मजबूत, दक्ष, बचाव क्षमता वाली और समावेशी विकास वाली साबित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि जब भारत के आधुनिक विकास का इतिहास लिखा जाएगा तो इन सुधारों की तारीख का इसमें उल्लेख जरूर होगा।
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