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कैपिटल हिल से PAK की पोल खोलेगा भारत, दुनिया के सामने आएगी ‘शांतिदूत’ की आड़ में पल रहे आतंक की सच्चाई

अमेरिका में भारत की प्रदर्शनी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के भयावह जख्मों को दुनिया के सामने लाएगी. 22 अप्रैल को कैपिटल हिल में आतंकवाद की मानवीय कीमत प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा.

कैपिटल हिल से PAK की पोल खोलेगा भारत, दुनिया के सामने आएगी ‘शांतिदूत’ की आड़ में पल रहे आतंक की सच्चाई

दुनिया के सामने शांतिदूत बनने का ढोंग कर रहे पाकिस्तान की असलियत को भारत अब सीधे अमेरिकी सत्ता के केंद्र 'कैपिटल हिल' से बेनकाब करने जा रहा है. अमेरिका में भारतीय दूतावास एक बेहद खास प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है, जिसका मकसद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के भयानक जख्मों को दुनिया के सामने लाना है. यह प्रदर्शनी ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तान खुद को अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है.

भारत के इस कदम से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी और मजबूत होने वाली है. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा करेंगे. 'द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म' (आतंकवाद की मानवीय कीमत) नामक इस प्रदर्शनी के जरिए भारत यह संदेश देना चाहता है पाकिस्तान मानवता को कितना नुकसान पहुंचाया है.

पहलगाम हमले की पहली बरसी

इस प्रदर्शनी के लिए 22 अप्रैल की तारीख चुनी गई है. ये पिछले साल जम्मू-कश्मीर में हुए भीषण पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है. इस हमले के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर आतंकियों को करारा जवाब दिया था. उस हमले के घाव आज भी हरे हैं और भारत उन सबूतों को अमेरिकी सांसदों और वैश्विक नेताओं के सामने रखेगा. 

भारत इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की पोल खोल चुका है. पिछले साल जुलाई में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय पर भी इसी तरह की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसने वैश्विक समुदाय को झकझोर कर रख दिया था. अब कैपिटल हिल में होने वाला यह आयोजन पाकिस्तान की उस पीआर (PR) मशीनरी को फेल करने के लिए काफी है. 

1993 से अब तक के सबूतों का संकलन

प्रदर्शनी में केवल हालिया हमले ही नहीं, बल्कि पिछले तीन दशकों का पूरा काला चिट्ठा मौजूद होगा. इसमें 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों से लेकर 2008 के 26/11 मुंबई हमलों तक की पूरी टाइमलाइन दिखाई जाएगी. इसके अलावा संसद पर हमला, पुलवामा और उरी जैसे बड़े आतंकी हमलों के डिजिटल साक्ष्य, फोटोग्राफ्स और पीड़ितों की आपबीती को भी प्रदर्शित किया जाएगा.

भारत का मुख्य उद्देश्य यह साफ करना है कि जब पूरी दुनिया युद्धों को रोकने की बात कर रही है, तब पाकिस्तान अपनी जमीन पर पल रहे आतंकी ढांचों को संरक्षण दे रहा है.

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