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IDF ने पहली बार कैस्पियन सागर में ईरानी नौसेना के मिसाइल लगे जहाजों को बनाया निशाना

इस बुनियादी ढांचे पर हमला करने से ईरान की क्षमताओं को और अधिक नुकसान पहुंचा है, साथ ही कैस्पियन सागर में समुद्री क्षेत्र पर ईरानी नौसेना के नियंत्रण को भी झटका लगा है.

IDF ने पहली बार कैस्पियन सागर में ईरानी नौसेना के मिसाइल लगे जहाजों को बनाया निशाना
इजरायल के हमले का सैटेलाइट इमेज.
  • इजरायली रक्षा बल ने कैस्पियन सागर में पहली बार ईरानी नौसेना के मिसाइल लगे जहाजों पर हमला किया है
  • इजरायली वायु सेना ने अपने ऑपरेशन के तहत ईरानी नौसेना के बंदरगाह और सैन्य ढांचों को निशाना बनाया
  • हमले में मिसाइल लगे जहाज, गश्ती नौकाएं, केंद्रीय मुख्यालय और जहाजों की मरम्मत केंद्र को तबाह किया गया
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कैस्पियन सागर में पहली बार इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने ईरानी नौसेना के मिसाइल लगे जहाजों पर हमला किया है. नौसेना खुफिया और सैन्य खुफिया के निर्देश पर वायु सेना ने कल रात (बुधवार) कैस्पियन सागर में "शेर की दहाड़ (Roar of the Lion)" ऑपरेशन की शुरुआत के बाद पहली बार कई महत्वपूर्ण ईरानी नौसैनिक ढांचों पर हमला किया.

हमलों के तहत, इजरायली वायु सेना के विमानों ने ईरानी नौसेना के बंदरगाह पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाया, जो ईरानी सेना के अधीन हैं. इस बंदरगाह पर मिसाइल वाले जहाजों और गश्ती नौकाओं सहित दर्जनों सैन्य जहाज लंगर डाले खड़े थे.

बंदरगाह पर जिन मुख्य लक्ष्यों पर हमला किया गया उनमें शामिल हैं:

  • ईरानी नौसेना के सैन्य जहाज, जिनमें मिसाइल लगे जहाज, सहायक जहाज और गश्ती नौकाएं शामिल हैं. जिन मिसाइल लगे जहाजों पर हमला किया गया, उनमें एयर डिफेंस सिस्टम और अतिरिक्त पनडुब्बी रोधी मिसाइलें थीं.
  • एक केंद्रीय मुख्यालय पर भी हमला किया गया, जहां से ईरानी नौसेना कैस्पियन सागर में अपनी गतिविधियां संचालित करती थी.
  • जहाजों की मरम्मत और नियमित रखरखाव के लिए उपयोग किया जाने वाला केंद्रीय ढांचा भी तबाह किया गया.

ईरानी नौसेना इस बंदरगाह का इस्तेमाल अपने सैन्य अभियानों के लिए करती थी, लेकिन बंदरगाह और उसके आसपास के जहाजों पर हुए हमले से ये बर्बाद हो गए. ईरान के बंकरों को तबाह करने के बाद से यह आईडीएफ का सबसे महत्वपूर्ण हमला है.

इस बुनियादी ढांचे पर हमला करने से ईरान की क्षमताओं को और अधिक नुकसान पहुंचा है, साथ ही कैस्पियन सागर में समुद्री क्षेत्र पर ईरानी नौसेना के नियंत्रण को भी झटका लगा है. आईडीएफ का कहना है कि वो ईरानी शासन की मूल संरचनाओं और उसकी नींव को लगातार और अधिक नुकसान पहुंचाता रहेगा.

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