
हिलेरी अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने वाली पहली महिला होंगी (फाइल फोटो)
वाशिंगटन:
अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को डेमोकेट्रिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की जंग जीत ली। इस तरह उनका अमेरिका के 240 वर्षों के इतिहास में ऐसी पहली महिला बनना तय हो गया है जो प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होंगी।
पुर्तो रिको में रविवार को दमदार प्रदर्शन के बाद हिलेरी को सुपरडेलीगेट का अतिरिक्त समर्थन भी मिल गया। इस तरह 68 वर्षीय हिलेरी उम्मीदवार बनने की दिशा में शीर्ष पर पहुंच गईं। सीएनएन की खबर के अनुसार, हिलेरी को 1812 प्लेज्ड डेलीगेट और 572 सुपर डेलीगेट का समर्थन हासिल है। इस तरह उनके पास कुल 2384 प्रतिनिधि हैं। यह संख्या उम्मीदवारी पाने के लिए जरूरी संख्या से एक अधिक है।
प्लेज्ड और सुपर डेलीगेट के मायने
सुपर डेलीगेट वे प्रतिनिधि होते हैं, जिन्हें कंवेंशन में शामिल होकर यह बताते का अधिकार होता है कि वे किसे उम्मीदवार के रूप में चाहते हैं। इन्हें पार्टी की उम्मीदवारी के लिए बहुमत हासिल नहीं कर पाने की स्थिति में किसे उम्मीदवार बनाना है, यह तय करने का भी हक होता है। वहीं प्लेज्ड डेलीगेट वे होते हैं, जिन्हें राज्य या स्थानीय स्तर पर चुना जाता है और जो डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने पहले से तय उम्मीदवार के पक्ष में अपना मत देते हैं।
अगले माह सम्मेलन में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनेंगी हिलेरी
अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला, न्यूयार्क की सीनेटर और पूर्व विदेश मंत्री आधिकारिक तौर पर अगले माह सम्मेलन में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से आम चुनाव में मुकाबला करेंगी।
हाल में जनमत सर्वेक्षण से पता चला है कि ट्रंप की तरह ही हिलेरी भी सर्वाधिक लोकप्रिय उम्मीदवारों में से एक हैं। बतौर विदेश मंत्री निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के मामले से जुड़े विवाद ने हिलेरी की पारदर्शिता और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए हैं। रिपब्लिकन पार्टी के लोगों का मानना है कि विदेश मंत्री के रूप में हिलेरी की विदेश नीति का रिकॉर्ड लीबिया और रूस से व्यवहार को लेकर खराब रहा है। इससे उनके उम्मीदवार को बड़ा लाभ पहुंच सकता है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
पुर्तो रिको में रविवार को दमदार प्रदर्शन के बाद हिलेरी को सुपरडेलीगेट का अतिरिक्त समर्थन भी मिल गया। इस तरह 68 वर्षीय हिलेरी उम्मीदवार बनने की दिशा में शीर्ष पर पहुंच गईं। सीएनएन की खबर के अनुसार, हिलेरी को 1812 प्लेज्ड डेलीगेट और 572 सुपर डेलीगेट का समर्थन हासिल है। इस तरह उनके पास कुल 2384 प्रतिनिधि हैं। यह संख्या उम्मीदवारी पाने के लिए जरूरी संख्या से एक अधिक है।
प्लेज्ड और सुपर डेलीगेट के मायने
सुपर डेलीगेट वे प्रतिनिधि होते हैं, जिन्हें कंवेंशन में शामिल होकर यह बताते का अधिकार होता है कि वे किसे उम्मीदवार के रूप में चाहते हैं। इन्हें पार्टी की उम्मीदवारी के लिए बहुमत हासिल नहीं कर पाने की स्थिति में किसे उम्मीदवार बनाना है, यह तय करने का भी हक होता है। वहीं प्लेज्ड डेलीगेट वे होते हैं, जिन्हें राज्य या स्थानीय स्तर पर चुना जाता है और जो डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने पहले से तय उम्मीदवार के पक्ष में अपना मत देते हैं।
अगले माह सम्मेलन में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनेंगी हिलेरी
अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला, न्यूयार्क की सीनेटर और पूर्व विदेश मंत्री आधिकारिक तौर पर अगले माह सम्मेलन में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से आम चुनाव में मुकाबला करेंगी।
हाल में जनमत सर्वेक्षण से पता चला है कि ट्रंप की तरह ही हिलेरी भी सर्वाधिक लोकप्रिय उम्मीदवारों में से एक हैं। बतौर विदेश मंत्री निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के मामले से जुड़े विवाद ने हिलेरी की पारदर्शिता और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए हैं। रिपब्लिकन पार्टी के लोगों का मानना है कि विदेश मंत्री के रूप में हिलेरी की विदेश नीति का रिकॉर्ड लीबिया और रूस से व्यवहार को लेकर खराब रहा है। इससे उनके उम्मीदवार को बड़ा लाभ पहुंच सकता है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, डेमोकेट्रिक पार्टी, Hillary Clinton, Presidential Election, US, Democratic Party