
कराची:
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में भीषण गर्मी से एक हफ्ते से भी कम समय में 1,000 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा करीब 14,000 लोग शहर के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।
हालांकि इस बीच हुई बारिश थोड़ी राहत बन आई और इससे तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पिछले हफ्ते 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा तापमान बारिश के बाद कम हो कर लगभग 35 डिग्री हो गया। बंदरगाह शहर कराची में पिछले दो दिन से बादल छाए रहने के कारण भी तापमान कम हुआ है।
कराची में 19 जून से भीषण गर्मी पड़ रही थी। मौसम कार्यालय ने पिछले हफ्ते को 1981 के बाद से सबसे गर्म हफ्ता बताया है। मौसम कार्यालय ने कराची में और बारिश होने का अनुमान जताया है।
पाकिस्तान के मौसम विभाग के प्रमुख मौसम विज्ञानी तौसीफ आलम ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह गर्मी का कहर फिर टूट सकता है, क्योंकि तब तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
सरकार और राहत कर्मियों ने पुष्टि की है कि पिछले 30 साल से अधिक समय में कराची और सिंध में सबसे भीषण गर्मी पड़ी और करीब 1,100 लोगों की जान चली गई।
सिंध के सूचना मंत्री शरजील मेमन ने बताया 'कराची के ज्यादातर अस्पतालों में मृतक संख्या 1,000 से अधिक हो चुकी है।' उन्होंने बताया कि प्रांत के अंदरुनी हिस्सों से भी गर्मी के कारण लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।
सिंध सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था ताकि लोग घरों में रहें और लू के थपेड़ों से बच सकें। इसके अलावा प्रांतीय सरकार ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और चिकित्सा आपूर्ति का भंडार बढ़ा दिया है।
हालांकि इस बीच हुई बारिश थोड़ी राहत बन आई और इससे तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पिछले हफ्ते 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा तापमान बारिश के बाद कम हो कर लगभग 35 डिग्री हो गया। बंदरगाह शहर कराची में पिछले दो दिन से बादल छाए रहने के कारण भी तापमान कम हुआ है।
कराची में 19 जून से भीषण गर्मी पड़ रही थी। मौसम कार्यालय ने पिछले हफ्ते को 1981 के बाद से सबसे गर्म हफ्ता बताया है। मौसम कार्यालय ने कराची में और बारिश होने का अनुमान जताया है।
पाकिस्तान के मौसम विभाग के प्रमुख मौसम विज्ञानी तौसीफ आलम ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह गर्मी का कहर फिर टूट सकता है, क्योंकि तब तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
सरकार और राहत कर्मियों ने पुष्टि की है कि पिछले 30 साल से अधिक समय में कराची और सिंध में सबसे भीषण गर्मी पड़ी और करीब 1,100 लोगों की जान चली गई।
सिंध के सूचना मंत्री शरजील मेमन ने बताया 'कराची के ज्यादातर अस्पतालों में मृतक संख्या 1,000 से अधिक हो चुकी है।' उन्होंने बताया कि प्रांत के अंदरुनी हिस्सों से भी गर्मी के कारण लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।
सिंध सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था ताकि लोग घरों में रहें और लू के थपेड़ों से बच सकें। इसके अलावा प्रांतीय सरकार ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और चिकित्सा आपूर्ति का भंडार बढ़ा दिया है।
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