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This Article is From Sep 09, 2019

Google Doodle: पाकिस्तान में 'मदर टेरेसा' के नाम से मशहूर थीं Dr.Ruth Pfau, बचाई थी हजारों जिंदगियां

Google Doodle: डॉ. रूथ फाउ (Dr.Ruth Pfau) 31 साल की उम्र में पाकिस्तान चली गई थीं जहां उन्होंने अपने जीवन के 55 साल से ज्यादा का समय बिताया.

Google Doodle: पाकिस्तान में 'मदर टेरेसा' के नाम से मशहूर थीं Dr.Ruth Pfau, बचाई थी हजारों जिंदगियां
Dr.Ruth Pfau का आज 90वां जन्मदिन है
नई दिल्ली:

Google Doodle: जर्मनी में जन्मी और पली बढ़ी डॉ. रूथ फाउ (Dr.Ruth Pfau) को उनकी 90वीं जंयती पर Google ने अपना Doodle बनाया है. उनका जन्म 9 सितंबर 1929 को जर्मनी के लीपजिग शहर में हुआ था. वह फिजिशियन होने के साथ-साथ डाउटर ऑफ द हर्ट ऑफ मैरी सोसाइटी की नन भी थीं. वह 31 साल की उम्र में पाकिस्तान चली गई थीं जहां उन्होंने अपने जीवन के 55 साल से ज्यादा का समय बिताया. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में रहते हुए कुष्ठ उन्मूलन के लिए काम किया और हजारों लोगों की जिंदगी भी बचाई. यही वजह थी कि पाकिस्तान में उन्हें 'मदर टेरेसा' भी कहा जाता था. रूथ फऊ की एक मशहूर लाइन थी जिसमें वह कहती थीं कि हम सब मिलकर भले ही युद्ध को न रोक सकें लेकिन हम में से अधिकांश लोग शरीर और आत्मा के कष्टों को कम करने में मदद कर सकते हैं. 

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कुष्ठ उन्मूलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली पाकिस्तान की 'मदर टेरेसा' के नाम से मशहूर जर्मन डॉक्टर रूथ फाउ का कराची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था. डॉ. फाउ पहली बार 1960 में पाकिस्तान आईं थीं और कुष्ठ पीड़ितों का दर्द उनके दिल को इस कदर छू गया कि उन्होंने उनके उपचार के लिए यहीं बसने का फैसला कर लिया.

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जर्मनी में हुआ था जन्म
डॉ. रूथ पाउ ने कराची में 1962 में मेरी एडिलेड लेप्रोसी सेंटर की शुरुआत की और बाद में गिलगित-बालटिस्तान सहित पाकिस्तान के सभी प्रांतों में इसकी शाखाएं खोली. उन्होंने 50,000 से ज्यादा परिवारों का उपचार किया. उनकी अथक कोशिशों के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1996 में पाकिस्तान का नाम एशिया में सबसे पहले कुष्ठ मुक्ति वाले देशों में घोषित किया. उनका जन्म 1929 में जर्मनी में हुआ और द्वितीय विश्व युद्ध के साए में उनकी जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ी.

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