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इस्लामाबाद में कल ईरान से बातचीत से पहले अमेरिका के 5 जेट पहुंचे, जानिए कौन करेगा ट्रंप की तरफ से बातचीत

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामी गणराज्य युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहता, क्योंकि संघर्षों का जारी रहना किसी भी देश के लिए लाभकारी नहीं होगा. इससे पता चलता है ईरान के रुख में नरमी आई है.

इस्लामाबाद में कल ईरान से बातचीत से पहले अमेरिका के 5 जेट पहुंचे, जानिए कौन करेगा ट्रंप की तरफ से बातचीत
ट्रंप ने कहा है कि वेंस पाकिस्तान सुरक्षा कारणों से नहीं जाएंगे मगर व्हाइट हाउस ने कहा कि वेंस ही ईरान से वार्ता को लीड करेंगे.
  • इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता वार्ता कल शाम से शुरू होकर मंगलवार तक चलने की संभावना है
  • अमेरिका के पांच जेट इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं और पांच और जेट भी कल तक आ सकते हैं
  • ईरान ने नरम रुख अपनाते हुए कहा कि युद्ध को बढ़ावा देना नहीं चाहता और संवाद से समस्याओं को हल करना चाहता है
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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ये ऐलान किया है कि कल शाम से वार्ता शुरू होगी. सूत्रों का कहना है कि वार्ता कल शाम से शुरू होकर मंगलवार तक जारी रह सकती है. इस बीच दोनों तरफ से अब वार्ता की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. अमेरिका और ईरान से टीमें शाम तक ही इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है.

कल 5 और जेट पहुंचेंगे

इस बीच वार्ता शुरू होने से पहले ही अमेरिका के 5 जेट इस्लामाबाद पहुंचे चुके हैं. पांच और जेट कल तक पहुंच सकते हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने वार्ताकारों की सुरक्षा के लिए खास तौर पर ज्यादा सैनिक तैनात किए हैं. एपी के अनुसार, व्हाइट हाउस के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर वार्ता के लिए इस्लामाबाद की यात्रा करेंगे. वेंस वार्ता को लीड करेंगे. हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाकर इस बातचीत का नेतृत्व नहीं करेंगे. वहीं एएफपी के अनुसार, ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बातचीत में इसका कारण सुरक्षा चिंताओं को बताया. ट्रंप ने कहा कि सुरक्षा कारणों की वजह से जेडी वेंस इस दौरे पर नहीं जा रहे हैं. इसलिए अभी इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति है कि अमेरिका से कौन-कौन जा रहा है. वहीं ईरान ने भी अब तक अपनी टीम की जानकारी नहीं दी है. माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से दोनों देश अपने वार्ताकारों का नाम नहीं बता रहे. मगर उम्मीद यही है कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ही ईरान की तरफ से वार्ता का नेतृत्व करेंगे. साथ में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य नेता शामिल हो सकते हैं.

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ईरान ने नरम किए रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामी गणराज्य युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहता, क्योंकि संघर्षों का जारी रहना किसी भी देश के लिए लाभकारी नहीं होगा.  पेजेश्कियन ने ये बातें रविवार को ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दौरे के दौरान कहीं. उन्होंने फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका और इजरायली शासन के बीच अकारण हुए युद्ध के संदर्भ में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नवीनतम घटनाक्रमों का संक्षिप्त विवरण दिया. उन्होंने आगे कहा कि तनाव से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि समझदारी और संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना और अधिक विनाश को रोकना आवश्यक है. ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों के बीच समन्वय को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया.

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सील

इस्लामाबाद पुलिस ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर कहा, "इस्लामाबाद में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आगमन के कारण, रेड जोन और विस्तारित रेड जोन सभी प्रकार के यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे. नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और सुचारू यातायात और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस के साथ सहयोग करने की सलाह दी जाती है.” अधिकारियों ने घोषणा की है कि रविवार आधी रात से नूर खान एयरबेस और इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के कई संवेदनशील क्षेत्रों को सील कर दिया जाएगा. नूर खान एयरबेस रावलपिंडी में स्थित है, जबकि इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पंजाब प्रांत के अटक जिले के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन यात्रियों को इस्लामाबाद पहुंचने के लिए रावलपिंडी जिले से होकर गुजरना पड़ता है. इसलिए, रावलपिंडी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के साथ, अधिकारियों ने कहा कि वे कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. पिछले हफ्ते ट्रंप द्वारा ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर के लिए पाकिस्तान दौरे की संभावना जताने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है.

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कबूतर उड़ाने पर भी रोक

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बताया कि रावलपिंडी में ड्रोन उड़ाने, कबूतर उड़ाने और हवाई फायरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि ये उपाय उच्च स्तरीय विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को ले जाने वाले विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए हैं. पुलिस ने पुष्टि की है कि रावलपिंडी में, विशेष रूप से नूर खान एयरबेस और इस्लामाबाद हवाई अड्डे के आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. कड़ी निगरानी के तहत पुलिस अधिकारी छतों पर भी तैनात रहेंगे. न्यू टाउन, सादिकबाद और चकलाल पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.

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