- यूरोपीय संघ ने यूक्रेन की आर्थिक और सैन्य जरूरतों के लिए 90 अरब यूरो के लोन पैकेज को मंजूरी दी है
- हंगरी और स्लोवाकिया ने तेल आपूर्ति विवाद के कारण यूक्रेन सहायता योजना में हिस्सा लेने से इनकार किया था
- रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों में तेल परिवहन सेवाओं और वित्तीय क्षेत्रों को निशाना बनाने की योजना शामिल है
यूरोपीय संघ ने गुरुवार को यूक्रेन की आर्थिक और सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशाल लोन पैकेज को मंजूरी दे दी. यह मंजूरी ब्लॉक की साइप्रस अध्यक्षता में हंगरी द्वारा वीटो हटाने के बाद दी गई. यूरोपीय संघ ने यूक्रेन पर रूस के युद्ध को लेकर उसके खिलाफ नए प्रतिबंधों को भी मंजूरी दी. ये उपाय इस साल की शुरुआत में तैयार किए गए थे और संघर्ष की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर फरवरी में घोषित किए जाने थे, लेकिन हंगरी और स्लोवाकिया ने इस कदम का विरोध किया.
क्यों हुई लोन देने में देरी
जनवरी में एक पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के बाद रूस द्वारा इन दोनों यूरोपीय संघ देशों को तेल की आपूर्ति रोक दिए जाने के बाद से हंगरी और स्लोवाकिया यूक्रेन के साथ विवाद में उलझे हुए हैं. यूक्रेनी अधिकारियों ने इस क्षति के लिए रूसी ड्रोन हमलों को जिम्मेदार ठहराया था. यूक्रेन को अपनी युद्धग्रस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने और रूसी सेनाओं को दूर रखने में मदद के लिए 90 अरब यूरो (106 अरब डॉलर) के लोन पैकेज की सख्त जरूरत है. हंगरी ने दिसंबर में हुए समझौते का उल्लंघन करके अपने यूरोपीय संघ के साझेदारों को नाराज कर दिया, जिसके तहत उसे धनराशि उपलब्ध करानी थी.
इस शर्त पर पास हुआ लोन
27 देशों वाले यूरोपीय संघ ने मूल रूप से लोन के लिए रूस की फ्रीज संपत्तियों को गिरवी रखने का इरादा किया था. लेकिन इस विकल्प को बेल्जियम ने रोक दिया, जहां अधिकांश फ्रीज संपत्तियां रखी हुई हैं. दिसंबर में, चेक गणराज्य, हंगरी और स्लोवाकिया इस बात पर सहमत हुए कि वे अपने यूरोपीय संघ के साझेदारों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से पैसा उधार लेने से नहीं रोकेंगे, बशर्ते कि इन तीनों देशों को इस योजना में भाग न लेना पड़े.
रूस पर लग सकते हैं नये प्रतिबंध
यूरोपीय संघ फरवरी से ही रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जिसे हंगरी और स्लोवाकिया ने तेल विवाद के कारण रोक रखा है. गुरुवार को स्वीकृत प्रतिबंधों में रूस को तेल परिवहन में मदद करने वाली समुद्री सेवाओं पर प्रतिबंध और देश के वित्तीय सेवाओं और व्यापार क्षेत्रों को लक्षित किए जाने की उम्मीद है. रूस के गुप्त बेड़े में तेल परिवहन करने वाले दर्जनों और जहाजों को भी निशाना बनाए जाने की संभावना है. तेल राजस्व रूस की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिससे पुतिन आम लोगों के लिए मुद्रास्फीति बढ़ाए बिना और मुद्रा के पतन से बचते हुए सशस्त्र बलों में पैसा लगा सकते हैं
जेलेंस्की यूरोप में होना चाहते हैं शामिल
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन को यूरोपीय संघ की पूर्ण सदस्यता मिलनी चाहिए, न कि केवल "प्रतीकात्मक" सदस्यता. जेलेंस्की ने एएफपी समेत पत्रकारों को एक रिकॉर्ड किए गए वॉइस मैसेज में कहा, "यूक्रेन को प्रतीकात्मक यूरोपीय संघ की सदस्यता की जरूरत नहीं है. हम साझा यूरोपीय मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं. मेरा मानना है कि हम पूर्ण यूरोपीय संघ की सदस्यता के हकदार हैं."जेलेंस्की ने गुरुवार को यूरोपीय संघ द्वारा यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो (105 अरब डॉलर) के लोन को मंज़ूरी दिए जाने का स्वागत किया. यह लोन हंगरी के निवर्तमान प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन द्वारा रोक दिया गया था.
क्या युद्ध और भड़केगा
जाहिर है अमेरिका की रूस से बढ़ती नजदीकी और यूरोप की तरफ से लोन पैकेज मंजूरी में देरी से ऐसा लगने लगा था कि रूस यूक्रेन युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन अब यूरोपीय संघ के इस फैसले के बाद जेलेंस्की की उम्मीदें और बढ़ सकती हैं. जेलेंस्की ने आज ही ये भी बताया है कि अमेरिका से अब भी उन्हें हथियार मिल रहा है. ऐसे में हो सकता है कि ईरान युद्ध के बाद एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध में और तेजी आए. जेलेंस्की ने ये भी कहा है कि यूक्रेन पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है.
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