- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने माइकल सैवेज के 3 सप्ताह पुराने वीडियो का टेक्स्ट अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया
- वीडियो में भारत और चीन को नरक बताया गया है और जन्मसिद्ध नागरिकता के खिलाफ कट्टरपंथी बयान दिए गए हैं
- ट्रंप ने इस वीडियो को ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर नस्लवादी विचारों को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद खड़ा कर दिया है. इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति ने कट्टरपंथी अमेरिकी लेखक और कमेंटेटर माइकल सैवेज के 3 हफ्ते पुराने वीडियो का टेक्स्ट पोस्ट किया है, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों को हेल होल या नरक बताया गया है. 'बर्थराइट सिटिजनशिप' या जन्मसिद्ध नागरिकता नाम के इस वीडियो में भारत विरोधी बात की गई है और अब इसी वीडियो में कही गई बातों को ट्रंप ने लिखकर 4 पन्नों में ट्रूथ सोशल पर शेयर किया है.
इस वीडियो को माइकल सैवेज ने 1 अप्रैल को अपने यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया था. इसमें माइकल सैवेज ने जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता के खिलाफ अपनी कट्टरपंथी सोच को जाहिर करते हुए कहा कि, "(अमेरिकी) संविधान तब लिखा गया जब लोग हवाई यात्रा भी नहीं करते थे. कहने की जरूरत नहीं है, टेलीविजन से पहले, इंटरनेट से पहले, रेडियो और हवा से पहले."
माइकल सैवेज ने कहा, "आपके सामने जाहिर है कि इनमें से कुछ तर्क कितने प्रासंगिक हैं जब लोग अपनी प्रेगनेंसी के 9वें महीने में हवाई जहाज से यहां आ रहे हैं. फिर यहां वह बच्चा पैदा होकर तत्काल नागरिक बन जाता है और फिर वे पूरे परिवार को चीन या भारत या ग्रह पर किसी दूसरे नरक से ले आते हैं. इसे देखने के लिए आपको बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है. अब यहां अंग्रेजी नहीं बोली जाती. आज आने वाले आप्रवासी वर्ग के बीच इस देश के प्रति लगभग कोई वफादारी नहीं है, जबकि हमेशा ऐसा नहीं था."
ट्रंप ने नस्लवादी बातों को मंच दिया
CNBC के साथ एक इंटरव्यू में महंगाई और जन्मजात नागरिकता के बारे में झूठे दावे करने के एक दिन बाद ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर माइकल सैवेज के नस्लवादी बयान को रिपोस्ट किया है.
यहां ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने उस वीडियो को दुनिया के सामने आने का जरिया दिया है, जिसमें भारत के खिलाफ आपत्तिजनक बात की गई है और जिसे ज्यादा लोग देख भी नहीं रहे थे. खबर लिखे जाने तक इस लाइव स्ट्रीम वीडियो को केवल 12 हजार व्यूज मिले थे. जब राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठा शख्स ऐसे वीडियो को शेयर करता है या उसमें कही गई बातों को अक्षर-दर-अक्षर पोस्ट करता है तो वह दरअसल उसपर अपनी मुहर लगा रहा है.
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