
डोनाल्ड ट्रंप का फाइल फोटो...
वाशिंगटन:
अमेरिका में प्रवेश के लिए धार्मिक जांचों को खारिज करने की देश के राष्ट्रपति बराक ओबामा की अपील के एक दिन बाद राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने के प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाने का आह्वान किया। हालांकि राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार बनने के अन्य दावेदारों ने ट्रंप के इस बयान की तत्काल निंदा की।
(ये भी पढ़ें- व्हाइट हाउस ने डोनाल्ड ट्रंप के मुस्लिमों पर प्रतिबंध के बयान की कड़ी आलोचना की)
मुसलमान जनसंख्या का बड़ा वर्ग अमेरिकियों से नफरत करता है : ट्रंप
ट्रंप की प्रचार मुहिम द्वारा जारी बयान के अनुसार उन्होंने आह्वान किया कि 'जब तक हमारे देश के प्रतिनिधि यह पता नहीं लगा लेते कि क्या चल रहा है, तब तक अमेरिका में मुसलमानों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया जाए।' ट्रम्प की प्रचार मुहिम के तहत कल कहा गया कि प्यू रिसर्च और अन्य के अनुसार मुसलमान जनसंख्या का ही एक बड़ा वर्ग अमेरिकियों से बहुत नफरत करता है। ट्रंप के अनुसार, हाल में जारी सेंटर फॉर सिक्योरिटी पॉलिसी के एक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, 'सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 25 प्रतिशत लोगों ने माना कि वैश्विक जिहाद के तौर पर अमेरिका में अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा न्यायोचित है और सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 51 प्रतिशत लोगों ने 'स्वीकार किया' कि अमेरिका में मुसलमानों के पास शरीयत अनुसार शासित किए जाने का विकल्प होना चाहिए।
(पढ़ें- भारत, चीन हमारी नौकरियां ले रहे हैं, उन्हें वापस लाना होगा : डोनाल्ड ट्रंप)
नफरत समझ से परे है : डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'विभिन्न सर्वेक्षणों के आंकड़ों में देखे बिना ही यह हर किसी के लिए जाहिर है कि नफरत समझ से परे है। यह नफरत कहां से आती है और हमें क्यों इसे निर्धारित करने की आवश्यकता है?' उन्होंने कहा, 'हम जब तक इस समस्या और इससे पैदा होने वाले खतरे को निर्धारित नहीं कर लेते और समझ नहीं लेते, तब तक हमारे देश को उन लोगों के भीषण हमलों का शिकार बनने नहीं दिया जा सकता जो केवल जिहाद में यकीन रखते हैं और जिनमें कोई तर्क शक्ति या मानव जीवन के लिए कोई सम्मान नहीं है।'
अन्य दावेदारों ने बयान को किया पूरी तरह से खारिज
हालांकि कारोबारी दिग्गज से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी बने ट्रंप के इस बयान को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के अन्य दावेदारों ने तत्काल पूरी तरह से खारिज कर दिया। न्यूजर्सी के गवर्नर क्रिस क्रिस्टी ने कहा, 'आपको देश से मुसलमानों को प्रतिबंधित करने की आवश्यकता नहीं है। मेरे अनुसार यह बेहूदा स्थिति होगी और ऐसी स्थिति होगी जिससे कोई लाभ भी नहीं होगा।' क्रिस्टी राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के दावेदारों की भीड़ में शामिल है, लेकिन उन्हें दावेदार बनने की रैंकिंग में काफी पीछे माना जा रहा है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के दावेदार ने भी की आलोचना
राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के दावेदार बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप की उनके बयान के लिए आलोचना की और कहा, 'हमारे संपूर्ण इतिहास में जन भावनाओं को भड़काने वाले नेताओं ने हमें नस्ल, लिंग या देश के मूल के आधार पर बांटने की कोशिश की है।' उन्होंने कहा, 'अब ट्रंप और अन्य नेता चाहते हैं कि हम सभी मुसलमानों से नफरत करें। हमारे एक साथ खड़े रहने से अमेरिका एक महान देश बनता है। जब हम नस्लवाद और अन्य देशों को पसंद नहीं करने की भावना को हमें बांट देने की अनुमति देते हैं तो हम एक कमजोर देश बन जाते हैं।' काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) ने ट्रंप की इस नीति की आलोचना की है।
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मुसलमान जनसंख्या का बड़ा वर्ग अमेरिकियों से नफरत करता है : ट्रंप
ट्रंप की प्रचार मुहिम द्वारा जारी बयान के अनुसार उन्होंने आह्वान किया कि 'जब तक हमारे देश के प्रतिनिधि यह पता नहीं लगा लेते कि क्या चल रहा है, तब तक अमेरिका में मुसलमानों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया जाए।' ट्रम्प की प्रचार मुहिम के तहत कल कहा गया कि प्यू रिसर्च और अन्य के अनुसार मुसलमान जनसंख्या का ही एक बड़ा वर्ग अमेरिकियों से बहुत नफरत करता है। ट्रंप के अनुसार, हाल में जारी सेंटर फॉर सिक्योरिटी पॉलिसी के एक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, 'सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 25 प्रतिशत लोगों ने माना कि वैश्विक जिहाद के तौर पर अमेरिका में अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा न्यायोचित है और सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 51 प्रतिशत लोगों ने 'स्वीकार किया' कि अमेरिका में मुसलमानों के पास शरीयत अनुसार शासित किए जाने का विकल्प होना चाहिए।
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नफरत समझ से परे है : डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'विभिन्न सर्वेक्षणों के आंकड़ों में देखे बिना ही यह हर किसी के लिए जाहिर है कि नफरत समझ से परे है। यह नफरत कहां से आती है और हमें क्यों इसे निर्धारित करने की आवश्यकता है?' उन्होंने कहा, 'हम जब तक इस समस्या और इससे पैदा होने वाले खतरे को निर्धारित नहीं कर लेते और समझ नहीं लेते, तब तक हमारे देश को उन लोगों के भीषण हमलों का शिकार बनने नहीं दिया जा सकता जो केवल जिहाद में यकीन रखते हैं और जिनमें कोई तर्क शक्ति या मानव जीवन के लिए कोई सम्मान नहीं है।'
अन्य दावेदारों ने बयान को किया पूरी तरह से खारिज
हालांकि कारोबारी दिग्गज से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी बने ट्रंप के इस बयान को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के अन्य दावेदारों ने तत्काल पूरी तरह से खारिज कर दिया। न्यूजर्सी के गवर्नर क्रिस क्रिस्टी ने कहा, 'आपको देश से मुसलमानों को प्रतिबंधित करने की आवश्यकता नहीं है। मेरे अनुसार यह बेहूदा स्थिति होगी और ऐसी स्थिति होगी जिससे कोई लाभ भी नहीं होगा।' क्रिस्टी राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के दावेदारों की भीड़ में शामिल है, लेकिन उन्हें दावेदार बनने की रैंकिंग में काफी पीछे माना जा रहा है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के दावेदार ने भी की आलोचना
राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के दावेदार बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप की उनके बयान के लिए आलोचना की और कहा, 'हमारे संपूर्ण इतिहास में जन भावनाओं को भड़काने वाले नेताओं ने हमें नस्ल, लिंग या देश के मूल के आधार पर बांटने की कोशिश की है।' उन्होंने कहा, 'अब ट्रंप और अन्य नेता चाहते हैं कि हम सभी मुसलमानों से नफरत करें। हमारे एक साथ खड़े रहने से अमेरिका एक महान देश बनता है। जब हम नस्लवाद और अन्य देशों को पसंद नहीं करने की भावना को हमें बांट देने की अनुमति देते हैं तो हम एक कमजोर देश बन जाते हैं।' काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) ने ट्रंप की इस नीति की आलोचना की है।
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