
ब्रिटेन में इससे पहले 2015 में आम चुनाव हुए थे.
लंदन:
मौजूदा प्रधानमंत्री टेरीजा मे और विपक्षी नेता जेर्मी कोर्बिन में से किसी एक के हाथ में देश की कमान सौंपने का फैसला करने के लिए ब्रिटेन में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हो गया. हाल ही में दो आतंकी हमलों का शिकार बने इस देश में 4.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. ब्रिटेन के नेशनल काउंटर टैररिज्म पुलिसिंग के मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि स्थानीय पुलिस बल मतदान केंद्रों के आसपास की सुरक्षा की लगातार समीक्षा कर रहा है. हाल ही में हुए दो आतंकी हमलों के बाद चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल देखा जा रहा है. चुनाव पूर्व सर्वेक्षण ब्रितानी प्रधानमंत्री को उनके मौजूदा पद पर बनाए रखने के पक्ष में दिखाई देते हैं.
टेरीजा मे ने 52 दिन पहले मध्यावधि चुनावों का आह्वान किया था. मतदान ब्रिटेन के समयानुसार रात 10 बजे (भारतीय समयानुसार देर रात ढाई बजे) संपन्न होगा. मतदान पूरा होने के एक घंटे के भीतर नतीजे आने की संभावना है. मे (60) ने निर्धारित समय से तीन साल पहले ही चुनावों का आह्वान कर दिया था. उन्होंने 28 सदस्यों वाले यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकलने से जुड़ी पेचीदा बातचीत से पहले ही इन चुनावों को करवा लिया है.
तीन साल में ब्रिटेन के इस चौथे बड़े चुनाव में 4.6 करोड़ लोग मतदान के योग्य हैं. इनमें 15 लाख मतदाता भारतीय मूल के हैं. इससे पहले वर्ष 2014 में स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह हुआ था, वर्ष 2015 में आम चुनाव हुआ था और वर्ष 2016 में ब्रेग्जिट के मुद्दे पर मतदान हुआ था. यह देखा जाना अभी बाकी है कि मध्यावधि चुनाव कराने का टेरीजा का फैसला उनकी कंजर्वेटिव पार्टी की जीत के पूर्वानुमानों को यथार्थ में बदल पाता है या फिर लेबर पार्टी हाउस ऑफ कॉमन्स में टेरीजा की पार्टी के हल्के बहुमत को नुकसान पहुंचाने में सफल हो जाती है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टेरीजा मे ने 52 दिन पहले मध्यावधि चुनावों का आह्वान किया था. मतदान ब्रिटेन के समयानुसार रात 10 बजे (भारतीय समयानुसार देर रात ढाई बजे) संपन्न होगा. मतदान पूरा होने के एक घंटे के भीतर नतीजे आने की संभावना है. मे (60) ने निर्धारित समय से तीन साल पहले ही चुनावों का आह्वान कर दिया था. उन्होंने 28 सदस्यों वाले यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकलने से जुड़ी पेचीदा बातचीत से पहले ही इन चुनावों को करवा लिया है.
तीन साल में ब्रिटेन के इस चौथे बड़े चुनाव में 4.6 करोड़ लोग मतदान के योग्य हैं. इनमें 15 लाख मतदाता भारतीय मूल के हैं. इससे पहले वर्ष 2014 में स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह हुआ था, वर्ष 2015 में आम चुनाव हुआ था और वर्ष 2016 में ब्रेग्जिट के मुद्दे पर मतदान हुआ था. यह देखा जाना अभी बाकी है कि मध्यावधि चुनाव कराने का टेरीजा का फैसला उनकी कंजर्वेटिव पार्टी की जीत के पूर्वानुमानों को यथार्थ में बदल पाता है या फिर लेबर पार्टी हाउस ऑफ कॉमन्स में टेरीजा की पार्टी के हल्के बहुमत को नुकसान पहुंचाने में सफल हो जाती है.
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