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हथियारों की बिक्री हुई तेज, सबसे ज्यादा फायदा किसको? 100 देशों ने डिफेंस बजट बढ़ाया, जानें क्यों?

IMF Report: करीब 100 देशों में रक्षा खर्च तेजी से बढ़ता जा रहा है. जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है, डिफेन्स और सुरक्षा पर खर्च और बढ़ने की आशंका है. IMF ने आगाह किया है कि रक्षा-संबंधित क्षेत्रों में बढ़ते खर्च की वजह से शार्ट-टर्म में महंगाई बढ़ेगी.

हथियारों की बिक्री हुई तेज, सबसे ज्यादा फायदा किसको? 100 देशों ने डिफेंस बजट बढ़ाया, जानें क्यों?
IMF की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा. (सांकेतिक फोटो)
  • दुनिया भर में युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण पिछले पांच वर्षों में आधे देशों ने अपना रक्षा बजट बढ़ाया है
  • 2024 में लगभग चालीस प्रतिशत देशों ने अपनी GDP का दो प्रतिशत से अधिक हिस्सा रक्षा पर खर्च किया है
  • नाटो के सदस्य देशों ने 2035 तक अपने रक्षा और सुरक्षा बजट को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है
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नई दिल्ली:

दुनियाभर में इन दिनों कई युद्ध चल रहे हैं, जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजरायल युद्ध. दुनिया में युद्ध और कनफ्लिक्ट के बढ़ने से हथियारों की बिक्री तेज़ी से बढ़ रही है. इसका सबसे ज़्यादा फायदा हो रहा है अमेरिकी हथियार बनाने वाली कंपनियों को. ये खुलासा इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड्स (IMF) की एक ताजा रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की वजह से पिछले पांच साल में दुनिया भर के 50 प्रतिशत देशों ने अपना डिफेन्स बजट बढ़ा दिया है. "April 2026 World Economic Outlook" रिपोर्ट के दूसरे चैप्टर में IMF ने क्या कहा है जानें.

  • पिछले एक दशक में दुनियाभर में युद्ध और कनफ्लिक्ट की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है
  • 2024 में लगभग 40 प्रतिशत देशों ने अपना डिफेन्स बजट उनकी GDP का 2% से अधिक आवंटित किया था
  •  2018 में 27% देशों ने अपना डिफेन्स बजट उनकी GDP का 2% से अधिक आवंटित किया था
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Photo Credit: IMF रिपोर्ट

NATO के सदस्य देशों का डिफेन्स बजट 2035 तक होगा दोगुना

नार्थ अटलांटिक ट्रीटी आर्गेनाईजेशन (NATO) के सदस्य देशों ने तय किया है कि वो साल 2035 तक अपना डिफेन्स और सुरक्षा बजट दोगुना बढ़ा देंगे. स्टॉकहोल्म इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आर्म्स इंडस्ट्री डेटाबेस के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी 100 हथियार बनाने वाली कंपनियों की हथियारों की बिक्री पिछले दो दशक के दौरान दोगुनी बढ़ गई है.

हथियारों की बिक्री बढ़ने से अमेरिका को सबसे ज्यादा फायदा

 दुनिया में 100 सबसे बड़े हथियार उत्पादकों की कुल हथियारों की बिक्री का लगभग आधा राजस्व अमेरिका में जेनरेट होता है, जबकि हथियारों की बिक्री में यूरोप का हिस्सा लगभग 14 प्रतिशत और चीन की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है.  

IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम सरकारों को अपने रक्षा खर्च का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. हमारा नवीनतम शोध से इस बात का पता चलता है कि व्यापक आर्थिक परिणामों और नीतिगत व्यापार के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थों के साथ रक्षा खर्च में वृद्धि कैसे आम हो गई है".

100 देशों का रक्षा खर्च तेजी से बढ़ा

ज़ाहिर है, करीब 100 देशों में रक्षा खर्च तेजी से बढ़ता जा रहा है. जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है, डिफेन्स और सुरक्षा पर खर्च और बढ़ने की आशंका है. IMF ने आगाह किया है कि रक्षा-संबंधित क्षेत्रों में बढ़ते खर्च की वजह से शार्ट-टर्म में महंगाई बढ़ेगी और मध्यम टर्म में कई तरह की चुनौतियां बढ़ेंगी.
 

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