- टेक्सास के गवर्नर ने सरकारी एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को नए एच-1बी वीजा आवेदनों पर रोक लगाने का आदेश दिया
- यह रोक मई 2027 तक लागू रहेगी और केवल टेक्सास वर्कफोर्स कमीशन की लिखित मंजूरी पर ही याचिका दाखिल की जा सकेगी
- गवर्नर का यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन द्वारा वीजा कार्यक्रम की समीक्षा और संशोधन के बीच आया है
अमेरिका में टेक्सास राज्य के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को नए एच-1बी वीजा आवेदनों को तुरंत रोकने का आदेश दिया है. गवर्नर ग्रेग एबॉट के इस आदेश के मुताबिक टैक्सपेयर्स के पैसे से फंड लेने वाले संस्थानों में भर्ती नियमों को सख्त किया गया है. इस कदम से भारतीय प्रोफेशनल्स के प्रभावित होने की आशंका है.
एच-1बी वीजा आवेदनों पर यह रोक मई 2027 तक लागू रहेगी.
क्यों जारी किया गया ऑर्डर
मंगलवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि टेक्सास की एजेंसियों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को टेक्सास वर्कफोर्स कमीशन से लिखित मंजूरी प्राप्त किए बिना एच-1बी वीजा की नयी याचिकाएं दाखिल करना बंद कर देना चाहिए.
अमेरिका के टेक्सास प्रांत में हजारों की संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जिनके पास एच-1बी वीजा है. गर्वनर का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वीजा कार्यक्रम को नया रूप देने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है.
वीजा समाप्त होने की डेट पता कर रहे
एबॉट ने कहा, ‘‘ मैं प्रांत की सभी एजेंसियों को इस पत्र के अनुसार नए एच-1बी वीजा आवेदनों को तत्काल रोकने का निर्देश दे रहा हूं. संघीय सरकार द्वारा इस कार्यक्रम की समीक्षा के बीच यह कदम उठाया गया है.''
पत्र में कहा गया है कि संस्थानों को एच-1बी वीजा के इस्तेमाल के बारे में भी रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें संख्या, नौकरी की भूमिकाएं, मूल देश और वीजा की समाप्ति तिथियां शामिल हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल 19 सितंबर को 'कुछ गैर-अप्रवासी श्रमिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध' संबंधी एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे. घोषणापत्र के तहत उन श्रमिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिनके एच-1बी आवेदनों के साथ 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान नहीं किया गया था या उसे इसमें शामिल नहीं किया गया था.
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