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मिडिल ईस्ट में ईरान अमेरिका की आंख फोड़ रहा, एयर डिफेंस सिस्टम बन जाएगा लकवा

US Iran War: ईरान अमेरिका के उन रडार सिस्टमों को नष्ट कर रहा है, जो पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका की मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आंख और कान हैं. यहां समझिए कैसे अमेरिका का मिसाइल डिफेंस सिस्टम कमजोर हो रहा है.

मिडिल ईस्ट में ईरान अमेरिका की आंख फोड़ रहा, एयर डिफेंस सिस्टम बन जाएगा लकवा
ईरान अमेरिका के रडार सिस्टमों को नष्ट कर रहा है
  • ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस रडार सिस्टम को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट करना शुरू कर दिया है
  • जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस में स्थित THAAD रडार को ईरान ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है
  • इन रडारों की क्षति से अमेरिकी मिसाइल डिफेंस प्रणाली की प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो गई है
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US Iran War: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की शुरू की गई जंग दूसरे हफ्ते में जा चुकी है और हिंसा ने पूरे मिडिल ईस्ट में पांव पसार दिए हैं. ऐसे में ईरान की जवाबी रणनीति का एक हिस्सा ऐसा है जिस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा, और यही बात वॉशिंगटन में बैठी ट्रंप सरकार और उसके सैन्य अधिकारियों की नींद उड़ा रही है. अभी सबका ध्यान अमेरिकी ठिकानों पर गिरती मिसाइलों, हवाई अड्डों पर हमले करने वाले ड्रोन, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों और जलते तेल के कुओं पर है. लेकिन इन सबके बीच चुपचाप और योजनाबद्ध तरीके से ईरान अमेरिका के उन रडार सिस्टमों को नष्ट कर रहा है, जो पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका की मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आंख और कान हैं. खास बात है कि कुछ हद तक यह रणनीति काम भी कर रही है.

पूरे मिडिल ईस्ट में ईरान अमेरिका को कैसे अंधा कर रहा?

जॉर्डन-  जॉर्डन में मुवफ्फाक साल्टी में अमेरिका का एयर बेस है. यह क्षेत्र में अमेरिका का एक बेहद महत्वपूर्ण ठिकाना है और यहां कई अमेरिकी फाइटर जेट तैनात हैं. यहां अमेरिका का टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम यानी THAAD का एक रडार भी मौजूद था जिसे ईरान ने अब नष्ट कर दिया है. यह रडार पूर्वी भूमध्य सागर और लेवांत क्षेत्र के आसमान पर नजर रखता था ताकि लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को पकड़ा जा सके. अभी यह रडार पूरी तरह जलकर मलबे में बदल चुका है.

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नोट- THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) अमेरिका द्वारा विकसित एक एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जो छोटी, मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके आने के अंतिम चरण (Terminal Phase) में हवा में ही नष्ट कर देती है.

कतर- इसी तरह कतर में एक बहुत बड़ा तीन-तरफा फेज्ड एरे रडार, जो पूरे खाड़ी क्षेत्र पर 360 डिग्री निगरानी रखता था और अमेरिकी मिसाइल रक्षा के लिए बेहद अहम था, उस पर ईरान की एक मिसाइल सीधे आकर लगी.

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कुछ अनुमानों के अनुसार इस सिस्टम की कीमत एक अरब डॉलर से ज्यादा है. यह सिर्फ ईरान पर नजर नहीं रखता था, बल्कि यमन, समुद्री रास्तों और पूरे फारस की खाड़ी की निगरानी करता था. युद्ध के पहले ही दिन यह पूरी तरह निष्क्रिय हो गया.

UAE- संयुक्त अरब अमीरात में फारस की खाड़ी के सामने अमेरिका के दो THAAD रडार ठिकाने – अल-रुवैस और अल-सद्र – पर इतनी सटीकता से हमला किया गया कि सैटेलाइट तस्वीरों में दोनों जगह लगभग एक जैसे हमले दिख रहे हैं. ये रडार निचली खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्तों की निगरानी करते थे.

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सऊदी अरब- सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास भी एक THAAD रडार साइट पर हमला हुआ है और वह जल रही है. इसके अलावा संकेत मिले हैं कि इजराइल की एरो मिसाइल रक्षा प्रणाली का स्टोड मिच रडार भी निशाना बनाया गया.

यह अमेरिका के लिए खतरनाक क्यों है?

अमेरिका के लिए यह चिंताजनक बात है क्योंकि ये रडार पूरे क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की निर्णय प्रक्रिया की पहली कड़ी हैं. यही रडार किसी दुश्मन देश से होने वाले मिसाइल लॉन्च का पता लगाते हैं, उसकी दिशा और रास्ते को ट्रैक करते हैं, खतरे की पहचान करते हैं और अमेरिका व उसके सहयोगी कमांडरों को कुछ महत्वपूर्ण सेकंड देते हैं ताकि वे तय कर सकें कि इंटरसेप्टर मिसाइल दागनी है या नहीं, और कौन-सी मिसाइल इस्तेमाल करनी है.

अगर इन अत्याधुनिक रडारों को नुकसान पहुंचाकर इस पूरी श्रृंखला को तोड़ दिया जाए, तो मिसाइल रोकने की क्षमता कम हो सकती है. दुश्मन देशों की मिसाइलें सीधे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती हैं. सबसे खराब स्थिति में यह पहचानना भी मुश्किल हो सकता है कि हमला क्षेत्रीय है या आपके अपने देश को निशाना बना रहा है. ऐसे संकट के समय फैसला लेने का समय बहुत कम हो जाता है, और इसी वजह से गलतियां और गलत आकलन बड़े विनाश का कारण बन सकते हैं.

अमेरिका के लिए महंगी जंग

अमेरिका की फेमस डिफेंस वेबसाइट द वॉर जोन ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि अमेरिका ने पूरे क्षेत्र में अपनी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए ऐसे केवल 16 मुख्य THAAD रडार बनाए थे, जो दुनिया भर में उसके सहयोगी देशों के लिए इस्तेमाल होते हैं. इन्हें बदलने में कई साल लगते हैं. इनमें से हर रडार की कीमत सैकड़ों मिलियन डॉलर से लेकर लगभग एक अरब डॉलर तक होती है. सबसे हैरानी की बात यह है कि ईरान को इन्हें नष्ट करने के लिए किसी बहुत एडवांस हथियार की जरूरत नहीं पड़ी. सस्ते एक-तरफा हमलावर ड्रोन (जैसे शाहेद ड्रोन) और जमीन से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें ही इन रडारों को नुकसान पहुंचाने और महीनों तक बंद करने के लिए काफी साबित हुईं.

इस तरह कई अरब डॉलर की एयर डिफेंस सिस्टम को ऐसे हथियारों ने कमजोर कर दिया जिनकी कीमत एक सेकंड-हैंड गाड़ी से भी कम हो सकती है.

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