- एआई के विकास से विज्ञान और तकनीक में एक दशक में सदीभर की प्रगति संभव हो सकती है
- एंथ्रोपिक कंपनी के सीईओ ने चिकित्सा और मानव बुद्धि में क्रांतिकारी बदलावों के जोखिमों पर चिंता व्यक्त की है
- एआई के सही उपयोग और नियंत्रण के बिना यह मानव स्वतंत्रता और दीर्घकालिक हितों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है
AI का सफर अभी-अभी शुरू हुआ है, मगर जो रिजल्ट ये दे रहा है, वो दुनिया की रफ्तार को तेजी से आगे बढ़ाने वाला है. साइंस और टेक्नोलॉजी में इतनी तेजी से बदलाव शायद पहले नहीं आए. सभी आशंकाओं के बीच मान लीजिए कि हम एआई के सभी जोखिमों का समाधान कर लेते हैं और एआई से लाभ लेना शुरू कर देते हैं तो संभवतः हमें "एक दशक में ही एक सदी की वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति" देखने को मिलेगी. यह दुनिया के लिए बेहद सकारात्मक होगी, लेकिन फिर हमें इसकी तेज गति से होने वाली समस्याओं का सामना तो करना ही पड़ेगा. ये समस्याएं अचानक हमारे सामने आ सकती हैं. हमें एआई की इस तेज गति से अप्रत्यक्ष रूप से उत्पन्न होने वाले अन्य जोखिमों का भी सामना करना पड़ सकता है, जिनका पहले से अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है. टॉप AI कंपनी के सीईओ से समझिए एआई के खतरे
एंथ्रोपिक कंपनी के CEO डारियो अमोदेई ने ऐसे तीन खतरे बताए हैं, जिससे जानना बहुत जरूरी है:
- डारियो अमोदेई ने बताया कि एआई आने के बाद बायोलॉजी में तेजी से रिसर्च हो रहा है. यदि हम कुछ ही वर्षों में चिकित्सा क्षेत्र में एक सदी की प्रगति हासिल कर लेते हैं, तो संभव है कि हम इंसानों की उम्र को बहुत बढ़ा देंगे, और यह भी संभव है कि हम मानव बुद्धि बढ़ाने या मानव बायोलॉजी में आमूल-चूल परिवर्तन करने जैसी क्रांतिकारी क्षमताएं पा लें. ये बड़े बदलाव बहुत तेजी से होंगे. यदि इन्हें जिम्मेदारी से किया जाए (जैसा कि मेरी आशा है, जैसा कि मैंने 'मशीन्स ऑफ लविंग ग्रेस' में बताया है), तो ये सकारात्मक हो सकते हैं, लेकिन इनके गलत होने का भी हमेशा जोखिम रहता है. उदाहरण के लिए, यदि मनुष्यों को अधिक बुद्धिमान बनाने के प्रयास उन्हें अधिक अस्थिर या सत्ता-लोभी बना दें. इसके अलावा "अपलोड" या "संपूर्ण मस्तिष्क अनुकरण" मतलब दिमाग में सॉफ्टवेयर फिट कर दिया जाए या डिजिटल मानव मस्तिष्क तो शायद भविष्य में ये मानवता को उसकी भौतिक सीमाओं से परे ले जाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसमें ऐसे जोखिम भी हैं जो मुझे चिंतित करते हैं.
- एआई मानव जीवन को एक अस्वस्थ तरीके से बदल रही है. डारियो अमोदेई ने बताया कि एआई हर मामले में मनुष्यों से कहीं अधिक बुद्धिमान है. ये एक बेहद विचित्र दुनिया होने वाली है. भले ही एआई का उद्देश्य मनुष्यों पर हमला करना न हो और भले ही कोई देश इसका नियंत्रण सभी को गुलाम या दमन करने के लिए भले न करें लेकिन फिर भी इसमें बहुत कुछ गलत हो सकता है. एआई मनोविकार, एआई द्वारा लोगों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करना, और एआई के साथ रोमांटिक संबंधों को लेकर चिंताओं में इसके शुरुआती संकेत दिखाई देते हैं. उदाहरण के लिए, क्या शक्तिशाली एआई कोई नया धर्म बना सकते हैं और लाखों लोगों को उसमें परिवर्तित कर सकते हैं? क्या अधिकांश लोग किसी न किसी तरह से एआई के साथ बातचीत के आदी हो सकते हैं? आपको बता दें कि आजकल महिला एआई ऐप बनाकर लोगों को बातचीत के लिए भारत में भी अश्लील बातचीत के लिए सोशल मीडिया पर अश्लील प्रचार किए जा रहे हैं. क्या लोग अंततः एआई सिस्टम के हाथों "कठपुतली" बन सकते हैं, जहां एआई उनकी हर हरकत पर नजर रखे और उन्हें हर समय ठीक-ठीक बताए कि क्या करना है और क्या कहना है, जिससे एक "अच्छा" जीवन तो मिल जाए, लेकिन उसमें स्वतंत्रता या उपलब्धि का कोई गौरव न हो? यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि एआई मॉडल वास्तव में अपने उपयोगकर्ताओं के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखें, ऐसे तरीके से जिसे समझदार लोग स्वीकार करें, न कि किसी विकृत तरीके से.
- एआई का उद्देश्य मानव नहीं है, बल्कि मानव के काम को आसान बनाना है. क्या मनुष्य ऐसी दुनिया में उद्देश्य और अर्थ खोज पाएंगे? मुझे लगता है कि यह दृष्टिकोण का मामला है: जैसा कि मैंने 'मशीन्स ऑफ लविंग ग्रेस' में कहा था, मेरा मानना है कि मानव उद्देश्य कुछ भी हो सकता है, मगर हर चीज संभव हो जाए तो दुनिया कैसी होगी? मनुष्य अपनी पसंद की कहानियों और योजनाओं के कारण लंबे समय तक उद्देश्य पा सकते हैं. हमें बस सामानों की कीमतों, आत्म-सम्मान और धन कमाने की दौड़ के बीच के संबंध को तोड़ना होगा, लेकिन यह एक ऐसा परिवर्तन है, जो समाज को करना होगा, और हमेशा यह जोखिम बना रहता है कि हम इसे ठीक से संभाल न पाएं.
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इन सभी संभावित समस्याओं के बारे में मेरी यही आशा है कि एक ऐसी दुनिया में जहां शक्तिशाली AI मौजूद है, जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं कि वह हमें नुकसान नहीं पहुंचाएगी, जो किसी दमनकारी सरकार का हथियार नहीं है, और जो वास्तव में हमारे हित में काम कर रही है, हम AI का उपयोग करके ही इन समस्याओं का पूर्वानुमान लगा सकते हैं और उन्हें रोक सकते हैं, लेकिन फिर भी इसकी कोई गारंटी नहीं है कि अन्य सभी जोखिमों की तरह, यह भी एक ऐसी चीज है, जिसे हमें सावधानी से संभालना होगा.
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