ब्रिक्स देशों की बैठक खत्म हो गई है, जहां भारत ने आतंकवाद के मुद्दे को ज़ोरशोर से उठाया है. प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ोसी देश को आतंकवाद की मदरशिप बताया. भले ही मसूद अज़हर और एनएसजी के मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान से सहयोग के मुद्दे पर रूस से मनमाफ़िक प्रतिक्रिया ना मिली हो लेकिन आख़िरी डेक्लेरेशन में आतंक का मुद्दा भी जरूर जोड़ा गया.