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Badrinath Yatra: इस तारीख से खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, गैस सिलेंडर की कमी ने बढ़ाई होट व लढाबा व्यवसाइयों की चिंता

Badrinath Yatra 2026: वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष का असर अब उत्तराखंड में भी दिखने लगा है. घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में लोगों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है. इसका सबसे अधिक असर होटल और ढाबा व्यवसायियों पर पड़ रहा है. यात्रा के दौरान भोजन व्यवस्था इन व्यवसायों की मुख्य जिम्मेदारी होती है, लेकिन गैस की कमी ने उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. (सुरेंद्र रावत की रिपोर्ट)

Badrinath Yatra: इस तारीख से खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, गैस सिलेंडर की कमी ने बढ़ाई होट व लढाबा व्यवसाइयों की चिंता

उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा की शुरुआत 20 अप्रैल के बाद होने जा रही है. इसी क्रम में 23 अप्रैल को भगवान विष्णु के पवित्र धाम बद्रीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. यात्रा को लेकर शासन और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

साल 2025 में बद्रीनाथ धाम में 16 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. इस बार भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है. इस बीच ईरान-इजरायल और अमेरिका की बीच जारी युद्ध की वजह से देश में पैदा हुई गैस की किल्लत ने होटल व ढाबा व्यवसाइयों की चिंता बढ़ा दी है.

गैस सिलेंडर की कमी से होटल व ढाबा संचालक परेशान

चारधाम यात्रा से पहले एक बड़ी समस्या सामने आई है. वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष का असर अब उत्तराखंड में भी दिखने लगा है. घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में लोगों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है. इसका सबसे अधिक असर होटल और ढाबा व्यवसायियों पर पड़ रहा है. यात्रा के दौरान भोजन व्यवस्था इन व्यवसायों की मुख्य जिम्मेदारी होती है, लेकिन गैस की कमी ने उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है.

वैकल्पिक व्यवस्था भी मुश्किल

होटल व्यवसायी सुनील शाह और ढाबा संचालक रघु का कहना है कि यदि समय पर व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुए, तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं. उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिना गैस के भोजन बनाना संभव नहीं है. इस स्थिति में न केवल उनका रोजगार प्रभावित होगा, बल्कि यात्रियों को भी भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है.

प्रशासन अलर्ट, समाधान के प्रयास जारी

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि इस समस्या को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है. संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो.

नगर पंचायत ने तेज की तैयारियां

बद्रीनाथ धाम में यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं. ऐसे में नगर पंचायत बदरीनाथ ने तैयारियों को गति दे दी है. 50 सदस्यीय दल को धाम भेजा गया है, जो वहां आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है. दल द्वारा पैदल मार्गों की मरम्मत, पथ प्रकाश, शौचालय, फास्ट ट्रैक सुविधा और साफसफाई से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.

सड़कों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक व्यापक तैयारी

जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा को सुचारू बनाने के लिए NHIDCL, BRO और लोक निर्माण विभाग को सड़क मार्गों के सुधार के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए कहा गया है.

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प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर दी जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके. साथ ही स्थानीय व्यवसायों को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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