₹3 लाख पाने के लालच में रची गई एक खौफनाक साजिश का अंत तब हुआ, जब अपहरणकर्ताओं की एक बड़ी चूक ने पूरा भेद खोल दिया. लड़का चुराने निकले आरोपी गलती से चार महीने की बच्ची उठा लाए और यही गलती उनके गिरफ्तारी का कारण बन गई. हरिद्वार से अपहृत मासूम को पुलिस ने 15 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया है.
हरिद्वार से राहुल डिमरी की रिपोर्ट...
हरिद्वार से हुई थी मासूम की चोरी
यह पूरा मामला 27 मई का है, जब सम्भल निवासी पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे. रात को परिवार विष्णु घाट के पास एक पेड़ के नीचे सो रहा था. सुबह जब आंख खुली, तो चार माह की उनकी बच्ची गायब थी. परिवार ने हर जगह तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की. अलग‑अलग टीमों का गठन किया गया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया. जांच के दौरान एक संदिग्ध दंपत्ति नजर आया, जो पहले एक बच्चे के साथ घाट पर घूमता दिखा और फिर अगले दिन दो बच्चों के साथ बस में बैठते हुए देखा गया.
लंबे रूट के बावजूद नहीं छोड़ा पीछा
सीसीटीवी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उस जोड़े का पीछा किया. वे बस से धामपुर पहुंचे और फिर ट्रेन से आगे निकल गए. बीच में कई स्टेशन होने के कारण सुराग जुटाना मुश्किल था, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और उनकी हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी.
बाबा की झोपड़ी से खुला राज
जांच करते‑करते पुलिस को पता चला कि यह दंपत्ति शिवालिक नगर के ब्रह्मपुरी इलाके में एक झाड़फूंक करने वाले बाबा के पास ठहरा था. पुलिस ने वहां दबिश दी और बाबा, दंपत्ति और बच्ची को मौके से पकड़ लिया. मिलान करने पर वही मासूम बच्ची निकली, जो हरिद्वार से चोरी हुई थी.
3 लाख के लालच में रची साजिश
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दंपत्ति पहले से चार बच्चों के माता‑पिता हैं. महिला के रिश्तेदार ने उसे बताया था कि एक दंपत्ति को बेटे की जरूरत है और बदले में ₹3 लाख मिलेंगे. पैसे के लालच में उन्होंने यह प्लान बनाया, लेकिन अपने बच्चे को देने की जगह किसी और का बच्चा चुराने की साजिश रच ली.
लड़का समझकर उठा लाए लड़की
आरोपी गंगा घाट पर भीड़ का फायदा उठाकर बच्चे को चुराने निकले. रात में सो रहे परिवार के बीच से उन्होंने बच्ची को लड़का समझकर उठा लिया. बाद में जब पता चला कि बच्चा लड़की है, तो वह उसे बेच नहीं सके. इसी बेचैनी में वे वापस हरिद्वार लौटे और पुलिस के हत्थे चढ़ गए. पुलिस ने इस मामले में बाबा सत्यपाल, लाल बहादुर और उसकी पत्नी प्रीती रानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस अब इनका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है.
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