हरीश रावत का फाइल फोटो...
- रावत की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय.
- यह मामला राजनीति से प्रेरित है : कपिल सिब्बल
- सिब्बल ने कोर्ट के समक्ष महाराष्ट्र के एस आर बोम्बई मामले का हवाला दिया.
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नैनीताल:
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई जांच के खिलाफ मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है.
रावत की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिससे साबित होता हो कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और इसलिए सीबीआई जांच की शुरुआत नहीं हो सकती.
सिब्बल ने आग्रह किया कि हर ऐसा मामला सीबीआई जांच के पात्र नहीं है और उन्होंने महाराष्ट्र के एस आर बोम्बई मामले का हवाला दिया, जहां यह स्थापित हुआ था कि सीबीआई जांच के लिए प्राथमिकी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा मामला सिक्किम और केरल के मामलों से अलग है, जिनकी मिसालें इस मामले की सुनवाई के दौरान दी गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रावत की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिससे साबित होता हो कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और इसलिए सीबीआई जांच की शुरुआत नहीं हो सकती.
सिब्बल ने आग्रह किया कि हर ऐसा मामला सीबीआई जांच के पात्र नहीं है और उन्होंने महाराष्ट्र के एस आर बोम्बई मामले का हवाला दिया, जहां यह स्थापित हुआ था कि सीबीआई जांच के लिए प्राथमिकी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा मामला सिक्किम और केरल के मामलों से अलग है, जिनकी मिसालें इस मामले की सुनवाई के दौरान दी गईं.
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