उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है
- सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया है
- मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आधी आबादी को मिलेगा न्याय
- स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
लखनऊ:
सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिए जाने के फैसले का चारों ओर स्वागत किया जा रहा है. तमाम राजनीतिक, सामाजिक और सरकारी संगठन अपने-अपने शब्दों में इस फैसले की व्याख्या कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक, प्रगतिशील और आधी आबादी को न्याय के साथ-साथ उनके सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त करने वाला स्वागत योग्य निर्णय है. उन्होंने कहा कि एक बड़ी आबादी न्याय और अपने अधिकारों से वंचित थी. उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा बहुमत के आधार पर दिया गया यह फैसला, उस बड़ी आबादी को न्याय और सशक्तीकरण की ओर ले जाएगा. हम विश्वास करते हैं कि इस दिशा में और भी प्रभावी कदम उठेंगे.
यह भी पढ़ें: तीन तलाक पर अध्यादेश लाने में जल्दबाजी न करे केंद्र सरकार: मुस्लिम लीग
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह आधी आबादी के सशक्तीकरण के साथ-साथ न्याय और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने से जुड़ा मुद्दा है. उच्चतम न्यायालय ने इस पर गौर किया और अपना ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला दिया है.
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश ऐतिहासिक है. अब न्यायालय ने भी तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है.
VIDEO:तीन तलाक पर SC के फैसले को शायरा बानो ने बताया ऐतिहासिक
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने आज बहुमत से फैसला सुनाते हुए मुसलमानों में एक-साथ लगातार तीन बार तलाक बोलकर पत्नी को छोड़ने की प्रथा को अवैध, गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया है. साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार से इस संबंध में कानून बनाने को कहा है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक, प्रगतिशील और आधी आबादी को न्याय के साथ-साथ उनके सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त करने वाला स्वागत योग्य निर्णय है. उन्होंने कहा कि एक बड़ी आबादी न्याय और अपने अधिकारों से वंचित थी. उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा बहुमत के आधार पर दिया गया यह फैसला, उस बड़ी आबादी को न्याय और सशक्तीकरण की ओर ले जाएगा. हम विश्वास करते हैं कि इस दिशा में और भी प्रभावी कदम उठेंगे.
यह भी पढ़ें: तीन तलाक पर अध्यादेश लाने में जल्दबाजी न करे केंद्र सरकार: मुस्लिम लीग
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह आधी आबादी के सशक्तीकरण के साथ-साथ न्याय और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने से जुड़ा मुद्दा है. उच्चतम न्यायालय ने इस पर गौर किया और अपना ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला दिया है.
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश ऐतिहासिक है. अब न्यायालय ने भी तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है.
VIDEO:तीन तलाक पर SC के फैसले को शायरा बानो ने बताया ऐतिहासिक
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने आज बहुमत से फैसला सुनाते हुए मुसलमानों में एक-साथ लगातार तीन बार तलाक बोलकर पत्नी को छोड़ने की प्रथा को अवैध, गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया है. साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार से इस संबंध में कानून बनाने को कहा है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं