उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. चंदा चोरी घोटाले के बाद यह पहली मुलाकात है. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं. कर्तव्य भवन में हुई इस मुलाकात को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की और उनके अमूल्य समय के लिए आभार व्यक्त किया. हालांकि मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है.
सीएम योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात के बाद अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा, "आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी से शिष्टाचार भेंट की. अमूल्य समय प्रदान करने हेतु आपका हार्दिक आभार." मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में इसके विभिन्न मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि सरकार की ओर से इसे औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया गया है.
आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी से शिष्टाचार भेंट की।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 14, 2026
अमूल्य समय प्रदान करने हेतु आपका हार्दिक आभार।@AmitShah pic.twitter.com/7VWauhmg8g
राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही बैठक
दिल्ली में हुई यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब केंद्र और उत्तर प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशासनिक विषयों और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा हुई हो सकती है. हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.
राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रमों के बीच मुलाकात
अयोध्या के राम मंदिर प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े हालिया घटनाक्रम भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलावों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए चल रही प्रक्रिया के बीच यह मुलाकात हुई है. ऐसे में राजनीतिक हलकों में इस बैठक को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं.
हाल ही में विपक्ष पर साधा था निशाना
इस मुलाकात से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा हमला बोला था. योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, उन्होंने ही धार्मिक स्थलों को विवादों में डालने का काम किया. उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए और अयोध्या में "जय श्रीराम" का उद्घोष करने वालों पर कार्रवाई की जाती थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि आज अयोध्या वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रही है और प्रदेश में 1500 से अधिक मंदिरों का पुनरोद्धार कराया जा चुका है.
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