फाइल फोटो
- एंबुलेंस न पहुंचने की वजह से सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा
- परिजनों का आरोप है कि दो घंटे तक वह एंबुलेंस का इंतजार किया
- निजी वाहन से महिला को अस्पताल ले जा रहे थे तभी दिया बच्चे को जन्म
हरदोई:
उत्तर-प्रदेश के हरदोई जनपद में एक महिला को समय पर एंबुलेंस न पहुंचने की वजह से सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा. परिजनों का आरोप है कि दो घंटे तक वह एंबुलेंस का इंतजार करते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं आई.
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परिजनों का कहना है कि वह निजी वाहन से महिला को अस्पताल ले जा रहे थे. इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसे सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा. दरअसल, सण्डीला कोतवाली के रामनगर गांव के रहने वाले रामसेवक की पत्नी सुशीला को शनिवार सुबह चार बजे प्रसव पीड़ा होने लगी.
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने एंबुलेंस को फोन कर बुलाया लेकिन दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई. इसके बाद परिजन निजी वाहन से सुशीला को अस्पताल ले जा रहे थे. इसी दौरान सुशीला को प्रसव पीड़ा होने लगी.
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महिला की प्रसव पीड़ा को देखते हुए परिवार के लोगों ने निजी वाहन को रास्ते में रुकवा दिया. इसके बाद महिला ने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया. बाद में परिजनों ने निजी साधन से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संडीला में भर्ती कराया, जहां पर जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है.
इस संबंध में सण्डीला सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि इस मामले में गलती परिजनों की है. एंबुलेंस गांव के बाहर पहुंच गई थी लेकिन सड़क खराब होने की वजह से महिला के घर तक नहीं जा पा रही थी. इस बारे में परिजनों को बताया गया था, लेकिन वह एबुंलेंस को घर तक लाने की जिद कर रहे थे.
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परिजनों का कहना है कि वह निजी वाहन से महिला को अस्पताल ले जा रहे थे. इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसे सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा. दरअसल, सण्डीला कोतवाली के रामनगर गांव के रहने वाले रामसेवक की पत्नी सुशीला को शनिवार सुबह चार बजे प्रसव पीड़ा होने लगी.
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने एंबुलेंस को फोन कर बुलाया लेकिन दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई. इसके बाद परिजन निजी वाहन से सुशीला को अस्पताल ले जा रहे थे. इसी दौरान सुशीला को प्रसव पीड़ा होने लगी.
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महिला की प्रसव पीड़ा को देखते हुए परिवार के लोगों ने निजी वाहन को रास्ते में रुकवा दिया. इसके बाद महिला ने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया. बाद में परिजनों ने निजी साधन से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संडीला में भर्ती कराया, जहां पर जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है.
इस संबंध में सण्डीला सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि इस मामले में गलती परिजनों की है. एंबुलेंस गांव के बाहर पहुंच गई थी लेकिन सड़क खराब होने की वजह से महिला के घर तक नहीं जा पा रही थी. इस बारे में परिजनों को बताया गया था, लेकिन वह एबुंलेंस को घर तक लाने की जिद कर रहे थे.
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