पिछले कुछ समय से टेस्ट में 'ऑलराउंडर नाम का प्राणी' मानो गायब सा हो गया है. टेस्ट इतिहास के करीब 148 साल में एक से बढ़कर एक हरफनमौला आए, लेकिन हालिया सालों में एंड्रयू फ्लिंटॉफ के जाने के बाद वैसे मैच विजेता हरफनमौला कम कम दिखाई पड़े हैं. अब इस सूची में पाकिस्तान के 21 साल के रजाउल्लाह ने इंट्री की है, लेकिन वर्तमान में सड़ चुके पाकिस्तानी सिस्टम में यह खिलाड़ी खुद को कहां लेकर जाता है. और आने वाले समय में कैसा प्रदर्शन करता है, यह देखने वाली बात होगी. बहरहाल, जब विषय चल ही पड़ा है, तो हम आपका परिचय आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सर्वकालिक 10 सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों से कराते हैं.
वैसे हैरानी की बात यह है कि जहां इसमें पड़ोसी इमरान खान का नाम शामिल है, तो वहीं उनसे बेहतर रिकॉर्ड रखने वाले कपिल देव टॉप-10 में नहीं हैं. वैसे आईसीसी ने सर्वकालिक ऑलराउंडरों के लिए अपनी रेटिंग को पैमाना बनाया है. इसके तहत आईसीसी ने 0 से 1000 रेटिंग प्वाइंटस देने की व्यवस्था की है. और इसमें 148 साल में सिर्फ 10 ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 500 रेटिंग प्वाइंट्स को छुआ है. कपिल देव क्यों नहीं छू सके, यह भी एक अलग अध्ययन का विषय है. बहरहाल, आप जानिए कि इतिहास में 10 सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर कौन हैं.

1. गैरी सोबर्स (669 बनाम भारत (1967): पेसर भी, स्पिनर भी, धुरंधर बल्लेबाज भी
शुरुआत करने के लिए गैरी सोबर्स से बेहतर कोई नाम नहीं हो सकता. वह 1962 से 1974 तक लगातार शीर्ष क्रम के ऑलराउंडर रहे. यह उनके करियर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा था. टेस्ट इतिहास में 8,000 रन बनाने वाले सभी बल्लेबाजों में किसी का भी औसत इनसे अधिक (57.78) नहीं है. इसी के साथ उन्होंने और जैक्स कैलिस दो ही ऐसे ऑलराउंडर हैं, जिन्होंने 200 से अधिक विकेट लिए. किसी अन्य के नाम 100 विकेट भी नहीं हैं. खास बात यह रही कि सोबर्स ने बतौर पेसर और स्पिनर यह कारनामा किया
2. इयान बॉथम (647 बनाम भारत (1980): यह कारनामा किसी और ने नहीं किया!
संभवतः इंग्लैंड के इतिहास के सबसे बड़े, प्रभावी और दुनिया के सबसे धुरंधर ऑलराउंडरों में से एक रहे हैं इयान बॉथम. इयान बॉथम 1978 से 1983 तक नंबर 1 स्थान पर रहे और एक साल बाद उन्होंने फिर से यह स्थान हासिल किया. 5,000 रनों के के साथ ऑलराउंडरों में उनसे ज्यादा पांच विकेट (27) किसी और दूसरे ऑलराउंडर ने नहीं ही लिए. और केवल एक (कपिल देव) ने उनसे अधिक विकेट चटकाए हैं.

3. जैक्स कैलिस (616 बनाम पाकिस्तान (2002): इकलौते ऐसे क्रिकेटर !
दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज जैक कैलिस बल्लेबाज-कम-बॉलर हैं. यह वह बात है, जिसमें और ऑलराउंडर में खासा अंतर होता है. इस पर किसी और दिन बात होगी, लेकिन आईसीसी के पैमाने पर तो जैक्स इतिहास के तीसरे नंबर के ऑलराउंडर हैं. जैक्स कैलिस ने पहली बार 2000 में रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया और अगले दशक के अधिकांश समय तक उस स्थान पर बने रहे. वह 600 का आंकड़ा पार करने वाले केवल तीन खिलाड़ियों में से एक हैं. वह सर्वकालिक टेस्ट रन बनाने वालों में शीर्ष पांच में शामिल हैं, और 10,000 रन, 100 विकेट और 100 कैच के ट्रिपल को पूरा करने वाले एकमात्र क्रिकेटर हैं.
4. कीथ मिलर (573 बनाम वेस्टइंडीज (1952): मिलर जैसा कोई ऑस्ट्रेलियाई नहीं!
यह कहना मुश्किल नहीं है कि कीथ मिलर ऑस्ट्रेलिया के पहले महान ऑलराउंडर थे, और वह भी दर्शकों का मनोरंजन करने वाले. मिलर के बाद से किसी भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने एक ही टेस्ट में शतक और छह विकेट नहीं लिए हैं. न ही किसी के नाम पांच शतक और पांच बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड है. चाहे रे लिंडवाल के साथ नई गेंद साझा करना हो, या मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभालना हो, मिलर की विरासत काफी व्यापक है.
5. रिची बेनो (532 बनाम पाकिस्तान (1959): वॉर्न ने बताया था लेग स्पिन का गॉडफादर
केवल चार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के नाम 2,000 रन और 200 विकेट का दोहरा रिकॉर्ड है. उनमें से केवल दो के पास टेस्ट शतक है.ये मिचेल जॉनसन और रिची बेनो (जिन्होंने तीन शतक लगाए) हैं. शेन वॉर्न ने एक बार बेनो को "लेगस्पिन का गॉडफादर" कहा था. केवल वॉर्न और नाथन लियोन ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों में उनसे अधिक टेस्ट विकेट लिए हैं। 1958 से 1960 तक, वह शीर्ष क्रम के ऑलराउंडर थे, और भारत, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के दौरों पर काफी प्रभावी थे.

6. इमरान खान (517 बनाम भारत (1983): एशिया से इकलौता ऑलराउंडर
पाकिस्तान में ऑलराउंडरों का गोल्ड स्टैंडर्ड इमरान खान 1992 में दुनिया के शीर्ष क्रम के ऑलराउंडर के रूप में रिटायर हुए. वह पहली बार 1983 में तालिका में शीर्ष पर पहुंचे और 362 टेस्ट विकेट लिए. यह वसीम अकरम और वकार यूनिस के आने से पहले पाकिस्तान के लिए सबसे अधिक था. मध्यक्रम के एक विश्वसनीय बल्लेबाज के रूप में, उन्होंने छह शतक बनाए उन सभी खिलाड़ियों में जिन्होंने उनके जितने टेस्ट विकेट लिए, केवल तीन खिलाड़ियों ने ही उनसे अधिक टेस्ट रन बनाए।
7. टोनी ग्रेग (509 बनाम न्यूजीलैंड (1975): कुछ ही बराबरी कर सके टोनी की
1970 के दशक के दौरान कुछ ही खिलाड़ी टोनी ग्रेग की ऑलराउंड प्रतिभा की बराबरी कर सके. ग्रेग ने वेस्टइंडीज और भारत में मजबूत गेंदबाजी आक्रमणों के खिलाफ शतक बनाए. और छह बार छह विकेट (तेज गेंदबाजी और स्पिन दोनों के साथ) लिए. उन्होंने जिस भी देश में खेला, वहां कम से कम एक बार चार विकेट जरूर लिए. इसमें 1974 में सितारों से भरी वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट में 13 विकेट लेना भी शामिल है. उस वर्ष से लेकर 1977 में अपने अंतिम टेस्ट तक, ग्रेग लगातार शीर्ष क्रम के ऑलराउंडर बने रहे.
8. एंड्रयू फ्लिंटॉफ (501 बनाम पाकिस्तान (2005): कहीं असरदार हो सकते थे फ्लिटॉफ
एंड्रयू फ्लिंटॉफ की महानता केवल कुल आंकड़ों में नहीं थी, बल्कि उनके द्वारा प्रदान किए गए बेजोड़ चमक के पलों में थी. साल 2002 में अपने पहले शतक तक उन्होंने 12 टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी में 14 की औसत और गेंदबाजी में 40 के मध्य की औसत से प्रदर्शन किया था. साल 2004 तक वह दुनिया के शीर्ष पांच ऑलराउंडरों में शामिल हो गए और अगले आधे दशक तक वहीं रहे. उनकी 2005 और 2009 की एशेज जीत में प्रमुख हस्तियों में से एक चोटों के कारण रुक न गए होते तो फ्लिंटॉफ इससे भी बहुत अधिक हासिल कर सकते थे.
9. ऑब्रे फॉकनर (500 रेटिंग बनाम ऑस्ट्रेलिया (1911): वॉर ऐरा से पहले के सबसे महानतम ऑलराउंडर
टेस्ट क्रिकेट में गूगली के शुरुआती प्रतिपादकों में से एक फॉकनर तर्कसंगत रूप से युद्ध से पहले के युग के सबसे महान ऑलराउंडर थे. उनकी अपरंपरागत बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घातक थी और उनकी गेंदबाजी इंग्लैंड के खिलाफ उतनी ही खतरनाक थी. वर्ष 1910 विशेष रूप से शानदार रहा. यहां उन्होंने 66 की औसत से बल्लेबाजी की (जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एक दोहरा शतक भी शामिल था). साथ ही, मैचों में 32 विकेट लिए उस वर्ष से लेकर 1912 तक वह दुनिया के शीर्ष क्रम के ऑलराउंडर थे.

10. क्रिस केर्न्स (500 बनाम जिम्बाब्वे (2000): अपने समय का सुपर हरफनमौला!
न्यूजीलैंड ने 1990 और 2000 के दशक में कई ऑलराउंडर तैयार किए, लेकिन क्रिकेयर्न्स वास्तव में इस परिभाषा में पूरी तरह फिट बैठते थे. 15 साल तक केर्यन्स कीवी तेज गेंदबाजी आक्रमण का एक प्रमुख हिस्सा रहे और मध्यक्रम के एक ऐसे आक्रामक बल्लेबाज थे जो आसानी से खेल का रुख बदल सकते थे (उन्होंने टेस्ट में सबसे अधिक छक्कों का विव रिचर्ड्स का तत्कालीन रिकॉर्ड तोड़ा था). न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों में केवल दो अन्य खिलाड़ियों ने ही 3,000 रन और 200 टेस्ट विकेटों का दोहरा रिकॉर्ड हासिल किया है. भारत को छोड़कर उन्होंने अपने खेले गए सभी छह देशों में पांच विकेट लिए और 1997 से 2004 तक शीर्ष पांच क्रम वाले ऑलराउंडरों में शामिल रहे.
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