- रायबरेली के महेंद्र कुमार ने अपनी बारात में लग्जरी कार की बजाय ट्रैक्टर का उपयोग किया
- दूल्हे ने अपने पिता की याद में और मिट्टी से जुड़ाव दिखाने के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर बारात निकाली
- सोनी के पिता देवी प्रसाद प्रजापति ने दामाद के ट्रैक्टर से बारात लाने के फैसले की खुले दिल से प्रशंसा की
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हाल ही में एक ऐसी शादी संपन्न हुई, जिसने 'दिखावे' की आधुनिक परिभाषा को बदलकर रख दिया. जहां आज के दौर में दूल्हे अपनी बारात को यादगार बनाने के लिए ऑडी, बीएमडब्ल्यू या मर्सिडीज जैसी करोड़ों की गाड़ियों को किराए पर लेते हैं, वहीं रायबरेली के एक युवा किसान ने अपनी जड़ों और संस्कृति को प्राथमिकता दी. वह किसी लग्जरी कार में नहीं, बल्कि अपने ट्रैक्टर पर सवार होकर शान से अपनी दुल्हनिया को लेने ससुराल पहुंचा. (फ़ैज़ अब्बास की रिपोर्ट)
क्या है पूरा मामला?
रायबरेली के डलमऊ थाना क्षेत्र के ग्राम ज़ोहवा नटकी में रहने वाले देवी प्रसाद प्रजापति की बेटी सोनी का विवाह शहजादपुर निवासी महेंद्र कुमार के साथ तय हुआ था. 7 मई को बारात आनी थी. जब बारात गांव की सीमा पर पहुंची, तो ग्रामीण नज़ारा देखकर दंग रह गए. दूल्हा महेंद्र कुमार किसी सजी-धजी कार के बजाय फूलों से लदे एक ट्रैक्टर के स्टीयरिंग पर खुद बैठा हुआ था और पूरे स्वैग के साथ बारात की अगुवाई कर रहा था.
मिट्टी से जुड़ाव और पिता की याद
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले महेंद्र कुमार ने इस अनूठी पहल के पीछे की वजह साझा करते हुए बताया कि "मेरे पिता का स्वर्गवास हो चुका है और मैं खुद एक गर्वित किसान हूं. मेरे चाचा ने हाल ही में नया ट्रैक्टर खरीदा था. मैंने सोचा कि जब खेती-किसानी ही मेरी पहचान है, तो दिखावा क्यों करना? किसान के लिए उसका ट्रैक्टर ही उसकी सबसे बड़ी संपत्ति और गौरव है. इसलिए मैंने ट्रैक्टर से बारात ले जाने का निर्णय लिया."
दुल्हन के पिता ने जताया गर्व
बेटी के पिता देवी प्रसाद प्रजापति ने भी दामाद के इस फैसले की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कक्षा आठ पास है और पूरा परिवार खेती पर ही निर्भर है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "ट्रैक्टर ही एक किसान की असली पहचान है. जब मेरा दामाद ट्रैक्टर चलाकर आया, तो मुझे लगा कि उसने हमारी संस्कृति का मान बढ़ाया है. मुझे उस पर गर्व है."
सोशल मीडिया पर वायरल हुई 'किसान बारात'
बारात के दौरान जहां एक ओर डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर बाराती थिरक रहे थे, वहीं दूल्हे का ट्रैक्टर चलाने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. आसपास के गांवों के लोग भी इस "देसी स्वैग" को देखने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए. ग्रामीणों का मानना है कि फिजूलखर्ची और दिखावे के दौर में यह सादगी भरी शादी समाज के लिए एक बड़ा संदेश है.
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