- अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी ठिकाने से सबसे ज्यादा कैश बरामद
- योगा सेंटर से पुलिस ने चार बक्से जब्त किए जिनमें कंबलों के अंदर चोरी का कैश छुपाकर रखा गया था
- राम राज्य कोष लिखा बक्सा मंदिर निर्माण से पहले चंदा इकठ्ठा करने के लिए इस्तेमाल किया गया था
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे भ्रष्टाचार की एक के बाद एक परत खुलती जा रही है. चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी के ठिकाने से सबसे ज्यादा कैश बरामद हुआ था. एनडीटीवी रिपोर्टर उसके इस ठिकाने पर पहुंचे, जो एक योगा सेंटर है. इस योग सेंटर से अविनाश शुक्ला का भाई अभिषेक जुड़ा हुआ था. योग सेंटर चलाने वाली सीमा तिवारी ने बताया कि 5 जून को यहां पर पुलिस आई थी और बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया था. योग केंद्र में अभिषेक के चार बक्से रखे हैं. इन्हीं बक्सों में कंबलों के अंदर कैश को छुपा कर रखा गया था. इनमें से एक बक्से पर राम राज्य कोष लिखा हुआ है.
कहां से आया रामराज्य कोष लिखा बॉक्स?
रामराज्य कोष लिखे बक्से के मामले में पता चला है कि ये बक्सा योग सेंटर चलाने वाले गुरु जी का है. इस बक्से को मंदिर बनने के पहले और बनते समय चंदा इकठ्ठा करने के लिए प्रयोग किया गया था. अविनाश शुक्ला का भाई अभिषेक इन्हीं गुरु जी का शिष्य है. गुरुजी ने ही दोनों भाइयों को रहने की जगह दी थी. अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी के ठिकाने से सबसे ज्यादा कैश बरामद हुआ.

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अभिषेक ने बताया- उसका भाई अविनाश नशा करता है
NDTV को योगा सेंटर में योग सिखाने वालीं महिला सीमा तिवारी ने बताया, 'जब अविनाश शुक्ला को पुलिस लेकर आई थी, तब मैं यहां नहीं थी. मेरी उस समय क्लास नहीं रहती है. लेकिन मुझे पता चला कि 5 जून को यहां रेड पड़ी थी. इस रेड के दौरान पुलिस को यहां से कुछ मिला भी था, ये पता चला. अभिषेक से जब हमने पूछा कि यहां रेड क्यों पड़ी, तो उसने बताया कि उनका भाई नशा करता था और नारकोटिक्स विभाग वाले कुछ पूछताछ करने आए थे.'

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महिला ने बताया कि यहां चार बक्से रखे हुए हैं. इनमें हम साधना में इस्तेमाल होने वाले कंबल रखते हैं. इन्हीं में कैश कंबलों में छिपाकर रखा गया था. अविनाश शुक्ला के खिलाफ मिले 9 सबूत.
- सबूत नंबर -1: अविनाश के ठिकाने से राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा बक्सा मिला.
- सबूत नंबर - 2: बक्से पर राम राज्य कोष प्रशासन लिखा था.
- सबूत नंबर - 3: ऑनलाइन दान के लिए लगा बारकोड भी मिला.
- सबूत नंबर - 4: अविनाश के ठिकाने दो और बक्से भी बरामद हुए.
- सबूत नंबर - 5: चोरी की रकम का हिस्सा कमरे से बरामद हुआ.
- सबूत नंबर - 6: अविनाश अपने भाई के साथ योग केंद्र में रहता था.
- सबूत नंबर - 7: अविनाश शुक्ला बक्से में गबन का पैसा रखता था.
- सबूत नंबर - 8: अविनाश के मकान से 25 लाख से ज्यादा मिले थे.
- सबूत नंबर - 9: डेढ़ साल पहले अविनाश शुक्ला अयोध्या आया था.
योगा सेंटर में ही रहते थे अभिषेक और अविनाश
सीमा तिवारी ने बताया, 'योग सेंटर में इतना कैश रखा हुआ था, हमें इस बात का पता ही नहीं था. दरअसल, हम यहां योगा की क्लास लेने के बाद निकल जाते हैं. ये क्लास एक घंटे की होती है. मेरे अलावा यहां चार और आचार्य भी क्लास लेने आते हैं. हमारे निकलने के बाद यहां अभिषेक और उसका भाई रहता था. वो दोनों इस योगा सेंटर में गुरुजी के टाइम से ही रहते थे. आज तक यहां कोई गलत काम नहीं हुआ. यहां कभी पुलिस नहीं आई थी, लेकिन अभिषेक के भाई अविनाश ने इस जगह के नाम पर कलंक लगा दिया.'
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