अगर आप भी शादी के लिए ऑनलाइन 'परफेक्ट रिश्ता' ढूंढ रहे हैं, तो रुकिए, कहीं ऐसा न हो कि सहनाई बजने से पहले ही आपका बैंक खाता साफ हो जाए. दरअसल, कानपुर साइबर पुलिस ने एक ऐसे ही 'फर्जी मैरिज ब्यूरो' का भंडाफोड़ किया है, जो दूल्हा बनने का सपना देखने वाले कुंवारों को अपने जाल में फंसा कर कंगाल बना रहा था.
इस गिरोह का मास्टरमाइंड रंजीश कुमार गौड़ छत्तीसगढ़ से आकर कानपुर में 'शादी मैच' नाम की दुकान चला रहा था. ये लोग इंटरनेट से लड़कियों की तस्वीरें चुराते थे, फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फोटो एडिटिंग टूल्स से उन्हें इतना खूबसूरत और 'अप्सरा' जैसा बना देते थे कि कोई भी कुंवारा फिदा हो जाए.
फंसाने के लिए रखी गई महिला टेलीकॉलर
महिला टेलीकॉलर लड़की बनकर बात करती थीं, खेल यहीं खत्म नहीं होता था, जब कोई लड़का फोटो देखकर जाल में फंसता, तो कॉल सेंटर की ट्रेंड महिला कर्मचारी खुद नकली नाम से लड़की बनकर मीठी-मीठी बातें करती थीं. लड़कों को लगता कि उनकी बात होने वाली जीवनसंगिनी से हो रही है, जबकि वो ठगों की जाल में फंस चुके होते थे.
ऐसे ऐंठते थे पैसे
इस गैंग ने ठगी के लिए 'PRANK PAYMENT' नाम का ऐप डाउनलोड कर रखा था. ये पीड़ितों को फर्जी स्क्रीनशॉट भेजते थे कि देखो, लड़की वालों ने तो मैरिज ब्यूरो की फीस जमा कर दी है, अब बस आपकी तरफ से पेमेंट बाकी है. लाज के मारे लड़का तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देता था.
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चंदेश नाम के एक पीड़ित से जब इन लोगों ने शादी के नाम पर ₹4,00,000 रुपये ठग लिए, तब पुलिस हरकत में आई. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि अपराध दर्ज होने के बाद साइबर सेल ने जब इस फर्जीवाड़े के अड्डे पर छापा मारा, तो मौके से 43 कीपैड फोन, 13 एंड्रॉइड फोन, 3 कंप्यूटर और भारी मात्रा में दस्तावेज मिले. मुख्य आरोपी रंजीश सलाखों के पीछे है और 23 महिला टेलीकॉलर्स से कड़ाई से पूछताछ चल रही है.
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