मेरठ में पांच साल की मासूम बच्ची मानवी पुलिस को पैसे देने के लिए अपना गुल्लक लेकर थाने पहुंची.
- पुलिस ने सीमा के पति को गिरफ्तार करके जेल भेजा
- मामले में पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई
- सुसाइट नोट न होने से पुलिस के पास सबूत नहीं
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लखनऊ:
यूपी के मेरठ जिले में एक पांच साल की बच्ची अपनी मां के कातिलों को पकड़वाने के लिए अपनी गुल्लक लेकर पुलिस थाना पहुंच गई. वहां बच्ची ने पुलिस कर्मियों से कहा कि “चाहे मेरी गुल्लक के सारे पैसे ले लो लेकिन मेरी मम्मी के हत्यारों को पकड़ लो.” उसकी मां सीमा गुप्ता ने ससुराल वालों से तंग आकर खुदकुशी कर ली है.
मानवी अपनी गुल्लक लेकर पुलिस अंकल को पैसे देने के लिए पहुंची. उसने घर में सुना था कि मां के कातिलों को पकड़ने के लिए पुलिस पैसे मांग रही है. इसलिए उसने कहा कि मेरी गुल्लक का सारा पैसा ले लो लेकिन उन्हें पकड़ लो जिनकी वजह से मम्मी दुनिया छोड़ गई.
सीमा कौशिक की मासूम बेटी मानवी से जब पूछा कि क्या पुलिस ने पैसे मांगे थे? तो उसने ”हां” में सिर हिलाया. जब उससे पूछा कि पुलिस ने क्या कहा था? उसका जवाब था, उन्होंने कहा था पैसे लेकर आना. पैसे मांगने वाले पुलिस कर्मी का नाम पूछने पर उसने कहा ओमवीर गुप्ता. 
सीमा की शादी साल 2010 में हुई थी. इल्ज़ाम है कि उसे ससुराल वाले दहेज के लिए बहुत परेशान करते थे. वह इतनी परेशान हो गई कि साल 2014 में ससुराल छोड़कर मायके आ गई. इसके बाद भी ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे. आखिरकार तंग आकर सीमा ने खुदकुशी कर ली.
सीमा के पिता शांति स्वरूप ने बताया कि “मेरी लड़की ने ससुराल पक्ष से दुखी होकर आत्महत्या कर ली और हम सब जगह धक्के खा-खाकर थक गए हैं. कहीं से भी कोई आश्वासन नहीं मिला. विधायक जी के दबाव में आकर छोड़ देते हैं.”
सीमा के मायके वालों ने कुल छह आरोपियों उसके पति, सास, ससुर, देवर, ननद और नंदोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने पति को जेल भेज दिया. सीमा के मायके वाले चाहते हैं कि सबको पकड़ा जाए.
मेरठ के एसएसपी जे रवींद्र गौर ने कहा कि “हसबेंड और वाइफ अलग रह रहे हैं और कोई सुसाइट नोट वगैरह वो लिखकर नहीं गई थी. फिर भी पुलिस ने प्रथम दृष्टया मुकदमा लिखकर हसबेंड को जेल भेज दिया. बाकी आरोपियों के खिलाफ एविडेंस कलेक्शन चल रहा है.”
सीमा 2014 से पति से अलग रह रही थी, इसलिए यह साबित करना एक चुनौती होगी कि उसकी खुदकुशी में पति और ससुराल वालों का कितना हाथ है. लेकिन यह भी तो सच है कि कोई औरत अपनी पांच साल की बच्ची को दुनिया में तन्हा छोड़कर मौत को गले क्यों लगाएगी.
मानवी अपनी गुल्लक लेकर पुलिस अंकल को पैसे देने के लिए पहुंची. उसने घर में सुना था कि मां के कातिलों को पकड़ने के लिए पुलिस पैसे मांग रही है. इसलिए उसने कहा कि मेरी गुल्लक का सारा पैसा ले लो लेकिन उन्हें पकड़ लो जिनकी वजह से मम्मी दुनिया छोड़ गई.
सीमा कौशिक की मासूम बेटी मानवी से जब पूछा कि क्या पुलिस ने पैसे मांगे थे? तो उसने ”हां” में सिर हिलाया. जब उससे पूछा कि पुलिस ने क्या कहा था? उसका जवाब था, उन्होंने कहा था पैसे लेकर आना. पैसे मांगने वाले पुलिस कर्मी का नाम पूछने पर उसने कहा ओमवीर गुप्ता.

सीमा की शादी साल 2010 में हुई थी. इल्ज़ाम है कि उसे ससुराल वाले दहेज के लिए बहुत परेशान करते थे. वह इतनी परेशान हो गई कि साल 2014 में ससुराल छोड़कर मायके आ गई. इसके बाद भी ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे. आखिरकार तंग आकर सीमा ने खुदकुशी कर ली.
सीमा के पिता शांति स्वरूप ने बताया कि “मेरी लड़की ने ससुराल पक्ष से दुखी होकर आत्महत्या कर ली और हम सब जगह धक्के खा-खाकर थक गए हैं. कहीं से भी कोई आश्वासन नहीं मिला. विधायक जी के दबाव में आकर छोड़ देते हैं.”
सीमा के मायके वालों ने कुल छह आरोपियों उसके पति, सास, ससुर, देवर, ननद और नंदोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने पति को जेल भेज दिया. सीमा के मायके वाले चाहते हैं कि सबको पकड़ा जाए.
मेरठ के एसएसपी जे रवींद्र गौर ने कहा कि “हसबेंड और वाइफ अलग रह रहे हैं और कोई सुसाइट नोट वगैरह वो लिखकर नहीं गई थी. फिर भी पुलिस ने प्रथम दृष्टया मुकदमा लिखकर हसबेंड को जेल भेज दिया. बाकी आरोपियों के खिलाफ एविडेंस कलेक्शन चल रहा है.”
सीमा 2014 से पति से अलग रह रही थी, इसलिए यह साबित करना एक चुनौती होगी कि उसकी खुदकुशी में पति और ससुराल वालों का कितना हाथ है. लेकिन यह भी तो सच है कि कोई औरत अपनी पांच साल की बच्ची को दुनिया में तन्हा छोड़कर मौत को गले क्यों लगाएगी.
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