विज्ञापन

IAS दिव्या मित्तल: मिर्जापुर की जनता के लिए 'DM बेटी वाला प्यार'! बुजुर्ग के पैर छूने का VIDEO वायरल

उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग की विशेष सचिव आईएएस दिव्या मित्तल का मिर्जापुर की जनता के प्रति आत्मीय लगाव एक बार फिर चर्चा में है. विंध्याचल में एक बुजुर्ग के पैर छूकर आशीर्वाद लेते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने उनके म‍िर्जापुर डीएम कार्यकाल की उन सुनहरी यादों को ताजा कर दिया है जब उन्होंने पानी के संकट से जूझते लहुरियादह गांव की प्यास बुझाई थी.

IAS दिव्या मित्तल: मिर्जापुर की जनता के लिए 'DM बेटी वाला प्यार'! बुजुर्ग के पैर छूने का VIDEO वायरल

IAS Divya Mittal Mirzapur: कहते हैं कि पद और प्रतिष्ठा अक्सर इंसानों के बीच दूरियां बढ़ा देती हैं, लेकिन कुछ प्रशासनिक अधिकारी ऐसे होते हैं जो अपनी सादगी और संवेदनशीलता से जनता के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं. उत्तर प्रदेश कैडर की तेजतर्रार और बेहद संवेदनशील आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है.

वर्तमान में उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात दिव्या मित्तल जब कलेक्ट्रेट स्थानांतरण के प्रोजेक्ट की समीक्षा करने मिर्जापुर पहुंचीं, तो प्रशासनिक औपचारिकताओं से इतर एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला. 

बुजुर्ग के पैर छुए, पूछा हालचाल

दरअसल, मिर्जापुर में निरीक्षण पर निकलने से पहले दिव्या मित्तल मां विंध्यवासिनी के दर्शन और पूजन के लिए विंध्याचल धाम पहुंची थीं. इसी दौरान वहां उनकी मुलाकात एक स्थानीय बुजुर्ग से हुई. एक पल के लिए भी बिना सोचे कि वह शासन की इतनी बड़ी अधिकारी हैं, दिव्या मित्तल ने बेहद सहजता और आदर के साथ उस बुजुर्ग के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. 

"इस दृश्य को जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं. वीडियो में IAS दिव्या मित्तल न सिर्फ बुजुर्ग का हालचाल लेती दिख रही हैं, बल्कि उनकी बातचीत में वही पुराना 'मिर्जापुर वाला' आत्मीय जुड़ाव साफ झलक रहा है."

लहुरियादह गांव की प्यास बुझाने वाली 'भगीरथ' हैं दिव्या मित्तल

यह वही मिर्जापुर है जहां दिव्या मित्तल लगभग 11 महीने तक जिलाधिकारी (DM) के पद पर तैनात रही थीं. उनके इस कार्यकाल को मिर्जापुर की जनता कभी नहीं भूल सकती. सदियों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे ड्रमंडगंज इलाके के लहुरियादह गांव में पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का ऐतिहासिक काम दिव्या मित्तल ने ही किया था. जब पथरीली राहों को चीरकर गांव में पानी पहुंचा, तो ग्रामीणों के आंसू छलक पड़े थे. हालांकि, इसके तुरंत बाद कथित राजनीतिक दबाव के चलते उनका ट्रांसफर कर दिया गया था, जिससे जनता बेहद मायूस हुई थी. लेकिन आज जब वह विशेष सचिव बनकर लौटीं, तो जनता का अपनी इस 'बेटी' के लिए प्यार जरा भी कम नहीं हुआ था.  

आईएएस अध‍िकारी दिव्या मित्तल की संवेदनशीलता सिर्फ उनके व्यक्तिगत व्यवहार में ही नहीं, बल्कि उनके फैसलों में भी दिखती है. उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर को चंदईपुर गांव में स्थानांतरित करने के प्रोजेक्ट पर बड़ी ही संजीदगी से अपनी बात रखी.

प्रोजेक्ट की समीक्षा में भी दिखा आम आदमी का दर्द

एनडीटीवी  से बातचीत में म‍िर्जापुर की पूर्व डीएम द‍िव्‍या म‍ित्‍तल ने कहा क‍ि मौजूदा कलेक्ट्रेट परिसर के पास ही कचहरी और पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों के दफ्तर हैं. अगर कलेक्ट्रेट को चंदईपुर शिफ्ट किया जाता है, तो दूर-दराज से आने वाले गरीब फरियादियों और वादकारियों को बहुत परेशानी होगी और उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी. दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए अभी और गहन विवेचना व समीक्षा की जरूरत है, ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो.

-बृजेंद्र दुबे की र‍िपोर्ट 

IAS Ravi Sihag: अब पत्नी आईएएस इशिता राठी को भी एक साथ पोस्टिंग, शादी के 6 माह के बाद 3271 KM की दूरी खत्म

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com