केंद्र सरकार क्षेत्रीय वायरस अनुसंधान के लिए 85 करोड़ रुपये की सहायता राशि देगी...
- गोरखपुर में होगी 'रीजनल वायरस रिसर्च सेंटर की स्थापना
- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने इसकी घोषणा की
- केंद्र सरकार इसके लिए 85 करोड़ रुपये की मदद देगी
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गोरखपुर:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पुरजोर वकालत किए जाने के बाद मोदी सरकार ने गोरखपुर में हर साल सैकड़ों बच्चों की मौत का सबब बनने वाले मस्तिष्क ज्वर पर गहन अनुसंधान के लिये एक 'रीजनल वायरस रिसर्च सेंटर की स्थापना का ऐलान किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मांग पर गोरखपुर में मष्तिष्क ज्वर रोग पर गहराई से अनुसंधान के लिए एक रीजनल वायरस रिसर्च सेंटर (क्षेत्रीय वायरस अनुसंधान) स्थापित होगा. केंद्र सरकार इसके लिए 85 करोड़ रुपये देगी.
उन्होंने कहा कि योगी इंसेफलाइटिस के उन्मूलन के लिये संवेदनशील हैं. उनके ही प्रयास से राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में इंसेफलाइटिस रोधी टीकाकरण को जोड़ा गया है. गोरखपुर में अनुसंधान केन्द्र बन जाने से इस बीमारी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी. यह केंद्र पूर्ण विकसित होगा, जिससे बच्चों में होने वाले अन्य रोगों के निदान में भी मदद मिलेगी.
पढ़ें: गोरखपुर हादसा: CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, मुझसे ज्यादा इस पीड़ा को कोई नहीं समझ सकता
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा, "पूर्वी उत्तर प्रदेश की बनावट ऐसी है कि हम संचारी रोगों से लड़ाई को तब तक नहीं जीत सकते जब तक यहां पूर्णकालिक वायरस रिसर्च सेंटर नहीं बन जाता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर को एम्स दिया है लेकिन यहां पूर्णकालिक वायरस रिसर्च सेंटर भी होना चाहिये."
योगी ने इंसेफलाइटिस के खिलाफ अपनी लड़ाई के बारे में भावुक अंदाज में जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों को मरते हुए देखा है. उन्होंने कहा "इस मुद्दे पर मुझसे अधिक संवेदनशील और कौन हो सकता है. मैंने इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाया है. इस बीमारी की पीड़ा मुझसे ज्यादा और कौन समझेगा."
VIDEO : जेपी नड्डा ने कहा, यूपी सरकार को हरसंभव मदद दे रहे हैं
योगी ने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव और केन्द्रीय सचिव इस घटना की जांच करके रिपोर्ट देंगे. दिल्ली की उच्च स्तरीय टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है. रिपोर्ट आते ही घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि योगी इंसेफलाइटिस के उन्मूलन के लिये संवेदनशील हैं. उनके ही प्रयास से राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में इंसेफलाइटिस रोधी टीकाकरण को जोड़ा गया है. गोरखपुर में अनुसंधान केन्द्र बन जाने से इस बीमारी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी. यह केंद्र पूर्ण विकसित होगा, जिससे बच्चों में होने वाले अन्य रोगों के निदान में भी मदद मिलेगी.
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इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा, "पूर्वी उत्तर प्रदेश की बनावट ऐसी है कि हम संचारी रोगों से लड़ाई को तब तक नहीं जीत सकते जब तक यहां पूर्णकालिक वायरस रिसर्च सेंटर नहीं बन जाता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर को एम्स दिया है लेकिन यहां पूर्णकालिक वायरस रिसर्च सेंटर भी होना चाहिये."
योगी ने इंसेफलाइटिस के खिलाफ अपनी लड़ाई के बारे में भावुक अंदाज में जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों को मरते हुए देखा है. उन्होंने कहा "इस मुद्दे पर मुझसे अधिक संवेदनशील और कौन हो सकता है. मैंने इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाया है. इस बीमारी की पीड़ा मुझसे ज्यादा और कौन समझेगा."
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योगी ने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव और केन्द्रीय सचिव इस घटना की जांच करके रिपोर्ट देंगे. दिल्ली की उच्च स्तरीय टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है. रिपोर्ट आते ही घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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