- आरोपी पिता बुजुर्ग माता-पिता से पैसों की मांग कर रहा था, मना करने पर बच्चों का मर्डर
- बड़ी बेटी प्रज्ञा ने जहर मिली दही नहीं खाई और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपने दादा को बताया.
- गोरखपुर पुलिस ने बच्चों के दादा की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर किया है.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. यहां एक पिता ने अपने ही दो मासूम बच्चों को दही में जहर मिलाकर मौत के घाट उतार दिया. गंभीर हालत में दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह 5 वर्षीय पुत्र और 8 वर्षीय पुत्री की मौत हो गई.
परिजनों के मुताबिक, आरोपी पिता ऑटो चलाता है और वह ऑटो की ईएमआई भरने के लिए पैसों की मांग कर रहा था. जब बुजुर्ग माता-पिता ने पैसे न होने की बात कहकर मना कर दिया, तो इसी गुस्से और सनक में उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया.
पिता की रिपोर्ट पर केस दर्ज
गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के बरवार खुर्द के रहने वाले आरोपी सत्यम कन्नौजिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ऑटो चालक सत्यम के पिता अनिल कनौजिया ने गुरुवार शाम गीडा थाने की पुलिस को सूचना दी कि उनके 5 वर्षीय अक्षत और 8 वर्षीय परी को उनके बेटे सत्यम ने कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया है. दोनों बच्चों को तुरंत इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार (5 जून) की सुबह दोनों बच्चों की दर्दनाक मृत्यु हो गई. इस घटना में बड़ी बेटी की जान बच गई, जबकि वारदात के समय बच्चों की मां अपनी ड्यूटी पर थीं.
बड़ी बेटी प्रज्ञा ने दही खाने से मना किया
मृतक बच्चों की दादी शकुंतला ने बताया कि उनका बेटा सत्यम ऑटो की ईएमआई चुकाने के लिए रुपयों की मांग कर रहा था. उन्होंने सत्यम से कहा था कि वे बुढ़ापे में इतने रुपये कहां से लाएंगे. सत्यम की शादी करीब 12 वर्ष पूर्व इंदिरा नगर गोरखपुर की रहने वाली संजू देवी से हुई थी. संजू देवी गोरखपुर के एक सुपर बाजार में काम करती हैं.
गुरुवार शाम को वह अपनी ड्यूटी पर थीं, जबकि घर पर उनके तीन बच्चे प्रज्ञा (11 वर्ष), प्राची (8 वर्ष) और अक्षत (5 वर्ष) मौजूद थे. देर शाम करीब 8 बजे सत्यम घर पहुंचा और दही में जहरीला पदार्थ मिलाकर बच्चों को खाने के लिए दे दिया. छोटी बेटी प्राची और बेटे अक्षत ने वह दही खा ली, जबकि बड़ी बेटी प्रज्ञा ने उसे खाने से मना कर दिया. कुछ ही देर बाद दोनों बच्चों की हालत बिगड़ने लगी. बच्चों की तबीयत खराब होते देख आरोपी पिता मौके से फरार हो गया.
आरोपी सत्यम को हिरासत में
मृतक बच्चों की बुआ रीना ने बताया कि जब वे लोग घर पहुंचे तो दरवाजा बंद था. बड़ी बेटी प्रज्ञा ने साहस दिखाते हुए घटना की जानकारी तुरंत अपने दादा और बुआ को दी. सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल ले गए. वहां हालत बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह प्राची उर्फ परी (8 वर्ष) और अक्षत (5 वर्ष) ने दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलते ही गीडा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी सत्यम को हिरासत में ले लिया है.
गीडा के क्षेत्राधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार रात करीब 11:30 बजे सूचना मिली थी कि गीडा थाना क्षेत्र के बरवार (सेक्टर 5) में सत्यम कनौजिया नाम के व्यक्ति ने अपने दो बच्चों को जहर दे दिया है. इस सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां आज सुबह दोनों की दुखद मृत्यु हो गई. मृतक बच्चों के दादा की तरफ से तहरीर प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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