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दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद कपसाड़ा गांव पुलिस छावनी में बदल, सपा विधायक धरने पर बैठे

मेरठ के एक गांव में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहर के बाद वहां तनाव पसरा हुआ है. पुलिस ने अगवा की गई लड़की की बरामदगी के लिए 10 टीमों का गठन किया है. लेकिन उसे सफलता नहीं मिली है. इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है.

दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद कपसाड़ा गांव पुलिस छावनी में बदल, सपा विधायक धरने पर बैठे
मेरठ:

उत्तर प्रदेश के मेरठ के गांव कपसाड़ा में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण ने राजनीतिक रंग ले लिया है. यह घटना गुरुवार की है. अगवा की गई लड़की की तलाश में पुलिस की 10 टीमें लगी हुई हैं. लेकिन उसका अभी तक पता नहीं लग पाया है. पुलिस इस मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. लेकिन अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस ने 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है.इस वजह से इलाके में तनाव पसरा हुआ है. मृतक के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है. कपसाड़ा गांव में आने वाले नेताओं का तांता लगा हुआ है. इसे देखते हुए पुलिस ने उस गांव की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है. 

कहां और कब का है मामला

यह मामला सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ का है. वहां गुरुवार सुबह आठ बजे पारस सोम नाम के एक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ रूबी नाम की एक लड़की का अपहरण कर लिया. इसका विरोध करने जब लड़की की मां सुनीता आगे आई तो उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया. इस हमले में सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गई. उसे इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. 

इसके बाद पुलिस जब महिला का शव लेकर जाने लगी तो परिजनों ने हंगामा कर दिया. पुलिस ने काफी समझा-बुझाकर महिला का पोस्टमार्टम करवाया. इसके लिए चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी. पोस्टमार्टम के बाद शव जब गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया. उनकी मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. 

दलित हत्याकांड पर गरमाई राजनीति

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने इस हत्याकांड की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि महिलाओं की इज़्ज़त-आबरू से खिलवाड़ और फिर हत्या आदि की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ तत्काल सख़्त कार्रवाई करे ताकि आपराधिक तत्वों को ऐसे घृणित कार्यों से आगे रोका जा सके.

शुक्रवार को सरधना के सपा विधायक अतुल प्रधान ने कपसाड़ गांव जाने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया. पुलिस के जवानों ने उनके साथ धक्का–मुक्की भी की. इसके बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ वहां धरने पर बैठ गए. पुलिस ने कपसाड़ गांव आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने बेरिकेडिंग कर बंद कर दिया है. 

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