मजदूरों के लिए बसें चलाने को लेकर राजनीति लगातार तेज होती जा रही है. दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. अब इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कांग्रेस की ओर से भेजी गई सूची की हमने शुरुआती जांच कराई है. यह पता चला है कि जिन बसों का विवरण भेजा गया है, उनमें से कई वाहन दोपहिया, ऑटो और माल ढोने वाली गाड़ियां हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं, सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए कि कांग्रेस इस तरह की धोखाधड़ी क्यों कर रही है.
सिद्धार्थ नाथ सिंह के बयान को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. लल्लू ने कहा, "सरकार लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. राजनीति करने के लिए जानबूझकर फर्जी नंबर गढ़े गए हैं. हमने बसों के नंबर दिए है. हम उन्हें सार्वजनिक कर सकते हैं, आप चाहे तो उन्हें सत्यापित करा सकते हैं."
Government is trying to confuse people, they are intentionally making up fake numbers to do politics. We have provided the numbers of buses, we can make it public, you can verify it: Ajay Kumar Lallu, Uttar Pradesh Congress Chief https://t.co/tx3pbwzHou pic.twitter.com/JQn7s8vo5G
— ANI UP (@ANINewsUP) May 19, 2020
इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि अगर उन्हें लखनऊ में बसें पहुंचाने में दिक्कत है तो नोएडा और गाजियाबाद के डीएम को 12 बजे तक दे दें. इस पर प्रियंका गांधी की ओर से योगी सरकार को पत्र लिखकर बताया गया है कि बसें शाम पांच बजे तक नोएडा और गाजियाबाद पहुंचा दी जाएंगी. प्रियंका ने पत्र लिखकर यूपी सरकार से कहा कि बसें राजस्थान और दिल्ली से आ रही हैं. इनके लिए दोबारा परमिट दिलाने का काम जारी है...इसमें कुछ घंटे लगेंगे. इसलिए शाम 5 बजे तक बसें पहुंचा दी जाएंगी.
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