- बरेली जिले में SIR तहत मतदाता सूची की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने पर 21 प्रतिशत मतदाता कटने का दावा हुआ है
- ड्राफ्ट सूची में कुल वोटर की संख्या घटकर 26 लाख 91 हजार 67 रह गई, जिसमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर शामिल हैं
- नाम कटने के मुख्य कारणों में मृतक, लापता, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अन्य प्रशासनिक कारण शामिल हैं
उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) के तहत मतदाता सूची की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही बरेली जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. जिले में कुल 21 प्रतिशत यानी 7 लाख 16 हजार 509 मतदाताओं के नाम सूची से कटने का दावा सामने आया है. सबसे ज्यादा असर बरेली शहर और बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्रों में देखा गया है, जहां बड़ी संख्या में मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं.
दरअसल ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक पहले जिले में कुल 34 लाख 5 हजार 64 मतदाता दर्ज थे, जो अब घटकर 26 लाख 91 हजार 67 रह गए हैं. मौजूदा सूची में 14 लाख 82 हजार 546 पुरुष, 12 लाख 8 हजार 468 महिला और 53 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. नाम कटने के कारणों पर नजर डालें तो प्रशासन ने इन्हें ASD (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में रखा है. इसमें 1 लाख 15 हजार से ज्यादा मृतक, 2 लाख 37 हजार से अधिक लापता या पता न चलने वाले, करीब 2 लाख 92 हजार स्थानांतरित मतदाता, लगभग 60 हजार डुप्लीकेट नाम और अन्य कारणों से 12 हजार से ज्यादा नाम हटाए गए हैं.

विधानसभा वार आंकड़ों में सबसे ज्यादा कटौती बरेली शहर सीट से हुई है, जहां 1 लाख 65 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं. इसके बाद बरेली कैंट में 1 लाख 34 हजार से अधिक नाम कटे हैं. बिथरी चैनपुर, फरीदपुर और भोजीपुरा में भी 65 से 77 हजार के बीच नाम सूची से बाहर किए गए हैं. वहीं, डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई है. जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं या ASD (Absentee, Shifted, Dead) में डाले गए हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है. आम जनता 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज करा सकती है, जिसके बाद 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी.
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