- अखिलेश यादव ने यूपी सीएम पर साधा निशाना
- कहा, सरकार के इशारे पर जानबूझकर की गई हिंसा
- ताकि जनता को डराया जा सके
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा के लिए राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि सरकार के इशारे पर जानबूझकर आगजनी और हिंसा की गई ताकि जनता को डराया जा सके. अखिलेश ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने ज्यादती की. पुलिस ने गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की. यह सब कुछ सरकार के इशारे पर हुआ. उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री बदला लेने की बात करता हो उस राज्य की पुलिस निष्पक्ष नहीं हो सकती. सरकार के इशारे पर पुलिस ने जानबूझकर आगजनी की ताकि जनता को डराया जा सके. यह लोकतंत्र में विश्वास ना करने वाली सरकार है.
The CAA has destroyed the right to equality enshrined in our constitution.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 22, 2019
NRC will effect the migrant poor, tribals and even our Holy men who wander everywhere without any worldly belongings. We should learn meaning of religion from them and not from those who lust for power. pic.twitter.com/Ly3HTltS0w
सरकार द्वारा सपा कार्यकर्ताओं पर हिंसा भड़काने के आरोप संबंधी सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं ने हर जगह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, मगर सरकार ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और नौजवानों के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए खुद हिंसा को हवा दी. हिंसा में हुई सार्वजनिक संपत्ति की भरपाई दंगाइयों को चिह्नित कर उनकी संपत्ति कुर्क करके किए जाने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए सपा मुखिया ने कहा कि फिर तो 2007 के गोरखपुर दंगों में हुए नुकसान की भी भरपाई की जानी चाहिए. उन दंगों में योगी आदित्यनाथ आरोपी थे. जिनके घर शीशे के होते हैं वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारा करते. अखिलेश ने राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कुछ भाजपा विधायकों द्वारा सदन में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अगले साल कुछ बड़ा होने वाला है. भाजपा विधायक T20 मैच खेलने के मूड में हैं.
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उन्होंने कहा "मुझे जानकारी मिली है इसीलिए मैं कह रहा हूं. नए साल में 20-20 का बंपर ऑफर आने वाला है." इस सवाल पर कि भाजपा के कितने विधायक सपा के संपर्क में हैं, अखिलेश ने कहा "हम तो समर्थन देने वाले रहे हैं." हालांकि उन्होंने इस मामले पर कोई भी खुलासा नहीं किया. इस सवाल पर कि सरकार कह रही है कि नया कानून नागरिकता छीनने नहीं बल्कि नागरिकता देने के लिए है, सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने नोट बंदी के वक्त कहा था कि काला धन देश में वापस आएगा, भ्रष्टाचार कम होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार कई गुना बढ़ गया. ऐसे में नागरिकता कानून को लेकर सरकार की बात पर कैसे विश्वास किया जा सकता है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं