- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मालदा दौरे पर तीन बड़ी जनसभाओं और एक रोड शो के माध्यम से आज जनता से संवाद करेंगी.
- रोड शो का उद्देश्य चुनाव प्रचार के साथ-साथ मतदाताओं में हालिया घटनाओं के बाद भरोसा बहाल करना भी है.
- मोफक्केरुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद उनके आंदोलन जारी रखने के बयान से राजनीतिक माहौल और गर्मा सकता है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच मालदा में हालिया हिंसा और विवाद के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई हैं. वोटर लिस्ट से नाम हटाने (SIR) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना के बाद स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. ऐसे संवेदनशील माहौल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज को मालदा दौरे पर पहुंच रही हैं, जहां वे चुनावी रैलियों और रोड शो के जरिए जनता से सीधा संवाद करेंगी.
तृणमूल कांग्रेस के लिए उत्तर बंगाल खासकर मालदा हमेशा से चुनावी दृष्टि से अहम रहा है. इस बार भी पार्टी यहां पूरी ताकत झोंक रही है. जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी मानिकचक, रतुआ, मालतीपुर और गाजोल विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के समर्थन में तीन बड़ी जनसभाएं करेंगी. इनमें रतुआ और मालतीपुर के लिए एक संयुक्त सभा आयोजित की जाएगी.
मतदाताओं में भरोसा बहाल करने की कोशिश
जनसभाओं के बाद दोपहर करीब 3 बजे इंग्लिश बाजार इलाके में ममता बनर्जी का एक बड़ा रोड शो भी प्रस्तावित है. सूत्रों के मुताबिक, इस रोड शो का उद्देश्य केवल चुनाव प्रचार नहीं, बल्कि हालिया घटनाओं के बाद डरे हुए मतदाताओं में भरोसा बहाल करना भी है. तृणमूल नेतृत्व मानता है कि जमीनी स्तर पर मौजूद भय और असुरक्षा की भावना को दूर करना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
रोड शो इंग्लिश बाजार में रवींद्र मूर्ति से शुरू होकर फव्वारा मोड़, नेताजी मोड़ और फूलबाड़ी होते हुए कवि सुकांत मोड़ तक जाएगा. इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की संभावना है, जिससे पार्टी अपनी ताकत का प्रदर्शन भी करेगी.
इस्लाम के बयान से गर्म हो सकता है माहौल
इधर, मालदा हिंसा मामले में जांच तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया है. इसके बाद नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने मामले की जांच शुरू कर दी है. एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी कोलकाता पहुंच चुके हैं और एक विशेष टीम घटनास्थल पर जाकर जांच कर रही है, जिसमें प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.
वहीं, पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है. गुप्त सूचना के आधार पर सीआईडी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बागडोगरा एयरपोर्ट से मोफक्केरुल इस्लाम नामक एक वकील को गिरफ्तार किया है, जिसे इस मामले में अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद इस्लाम ने कहा कि जब तक वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को वापस नहीं जोड़ा जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है.
कुल मिलाकर, मालदा का यह दौरा केवल चुनावी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक संदेश भी है. ममता बनर्जी जहां एक ओर अपने उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगी, वहीं दूसरी ओर वे जनता को यह भरोसा दिलाने का प्रयास करेंगी कि राज्य में कानून-व्यवस्था और उनके अधिकार सुरक्षित हैं.
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