अखिलेश यादव ने नमक की किल्लत की अफवाह व नोट बदलने के कारण मची अफरातफरी का दोष भाजपा पर मढ़ा.
- समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए अफवाह फैलाने का आरोप
- नोट की कमी से जूझ रहे लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश
- काले धन वालों ने काफी पहले अपना सारा धन सफेद कर लिया
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लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि वे अफवाह फैलाने में माहिर हैं, इसलिए हो सकता है नोट बंद होने के कारण आ रही समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए इन्हीं लोगों ने नमक की कमी की अफवाह फैलाई हो.
ताज होटल में एक निजी समाचार पत्र के कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नमक की किल्लत की अफवाह के साथ ही नोट बदलने के कारण मची अफरातफरी का सारा दोष भाजपा पर मढ़ा. अखिलेश यादव ने कहा कि देश में किसी भी तरह की अफवाह फैलाने में भाजपा के साथ आरएसएस के लोग बेहद माहिर हैं.
उन्होंने कहा कि कल (शुक्रवार) देशभर में नमक की किल्लत होने की अफवाह चंद घंटे में इतनी तेजी से फैल गई कि घर का काम छोड़कर नमक बटोरने में लग गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग तो बोरी-बोरी भर के नमक खरीदने में लग गए. आखिर नमक खत्म होने की अफवाह कौन उड़ा रहा है? यह संभव है कि नए नोट की कमी से जूझ रहे लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह अफवाह उड़ाई गई हो?
देश में 500 तथा 1,000 रुपये के नोट के बंद होने पर अखिलेश ने कहा कि बुआ (मायावती) के घर जाओगे तो कुछ न कुछ जरूर मिलेगा. उन्होंने कहा कि काला धन वालों ने काफी पहले ही अपना सारा काला धन सफेद कर लिया था.
500 व 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है. काला धन कहां है, यह सरकार तय करे, लेकिन आम लोगों को परेशानी न हो. इसलिए हमने केंद्र से अनुरोध किया है कि पुराने नोटों को जमा करने की समय सीमा और बढ़ाई जाए.
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सरकार ने हर क्षेत्र में अन्य सरकारों की तुलना में सबसे अधिक काम किया है. नई पार्टी बनाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, "समाजवादी पार्टी मेरी पार्टी है. यदि मैं नेताजी की पार्टी में हूं तो मुझे कोई और पार्टी बनाने की क्या जरूरत है."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ताज होटल में एक निजी समाचार पत्र के कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नमक की किल्लत की अफवाह के साथ ही नोट बदलने के कारण मची अफरातफरी का सारा दोष भाजपा पर मढ़ा. अखिलेश यादव ने कहा कि देश में किसी भी तरह की अफवाह फैलाने में भाजपा के साथ आरएसएस के लोग बेहद माहिर हैं.
उन्होंने कहा कि कल (शुक्रवार) देशभर में नमक की किल्लत होने की अफवाह चंद घंटे में इतनी तेजी से फैल गई कि घर का काम छोड़कर नमक बटोरने में लग गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग तो बोरी-बोरी भर के नमक खरीदने में लग गए. आखिर नमक खत्म होने की अफवाह कौन उड़ा रहा है? यह संभव है कि नए नोट की कमी से जूझ रहे लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह अफवाह उड़ाई गई हो?
देश में 500 तथा 1,000 रुपये के नोट के बंद होने पर अखिलेश ने कहा कि बुआ (मायावती) के घर जाओगे तो कुछ न कुछ जरूर मिलेगा. उन्होंने कहा कि काला धन वालों ने काफी पहले ही अपना सारा काला धन सफेद कर लिया था.
500 व 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है. काला धन कहां है, यह सरकार तय करे, लेकिन आम लोगों को परेशानी न हो. इसलिए हमने केंद्र से अनुरोध किया है कि पुराने नोटों को जमा करने की समय सीमा और बढ़ाई जाए.
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सरकार ने हर क्षेत्र में अन्य सरकारों की तुलना में सबसे अधिक काम किया है. नई पार्टी बनाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, "समाजवादी पार्टी मेरी पार्टी है. यदि मैं नेताजी की पार्टी में हूं तो मुझे कोई और पार्टी बनाने की क्या जरूरत है."
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