
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा राज में मुठभेड़ का एक पैटर्न सेट हो गया है. अखिलेश ने पुलिस के साथ मुठभेड़ में आरोपियों के मारे जाने को ‘फर्जी मुठभेड़' भी करार दिया.
https://t.co/aocM6WjTfb pic.twitter.com/keqLgUZBKf
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 10, 2024
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘” फिर हत्या के बाद परिवार वालों द्वारा सच बताये जाने पर तरह-तरह के दबाव व प्रलोभन से उन्हें दबाओ. विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा भंडाफोड़ होने पर अपने दोयम दर्जे के नेताओं को आगे करके शीर्ष नेतृत्व को बचाओ.
अखिलेश ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि जिसका दाना-उसका गाना' वाले संबंधों को निभाने वाले मीडिया को दुष्प्रचार के लिए लगाओ. फिर झूठ में पारंगत अपने तथाकथित बड़े भाजपाई नेताओं से ऐसी गैरकानूनी मुठभेड़ को सही साबित करने के लिए तर्कहीन बयानबाजी कराओ.
भाजपा राज में एनकाउंटर का आँकड़ा गैर क़ानूनी हत्याओं की नाइंसाफ़ी का भी आँकड़ा है और साथ ही पीडीए के विरूद्ध हुए अन्याय का भी। #नहीं_चाहिए_भाजपा
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 10, 2024
इससे पहले यादव ने मंगलवार को राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि भाजपा शासन के दौरान मुठभेड़ों के आंकड़े अवैध हत्याओं और पीडीए के खिलाफ किये गये अन्याय के भी आंकड़े हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘फर्जी मुठभेड़' के कुछ आंकड़े भी साझा किए, जिसमें उन्होंने दावा किया कि पुलिस के साथ गोलीबारी में मारे गए 60 प्रतिशत लोग पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के थे.
यादव ने मंगलवार शाम ‘एक्स' पर आंकड़े साझा करते हुए एक अन्य पोस्ट में कहा था, “भाजपा राज में मुठभेड़ का आंकड़ा गैर कानूनी हत्याओं की नाइंसाफ़ी का भी आंकड़ा है और साथ ही पीडीए के विरूद्ध हुए अन्याय का भी.”
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं