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ट्रैफिक पुलिस ने फोटो खींच लिया और चालान आ जाए तो क्या करें, एडवोकेट से जानिए

e-Challan Rule : ट्रैफिक नियमों के अनुसार चालान जारी करने के लिए ऑथोराइज और सर्टिफाइड डिवाइसेस का इस्तेमाल होता है. अगर कोई अधिकारी पर्सनल मोबाइल फोन से फोटो लेकर चालान काटता है, तो उसकी वैधता पर सवाल उठ सकते हैं.

ट्रैफिक पुलिस ने फोटो खींच लिया और चालान आ जाए तो क्या करें, एडवोकेट से जानिए
कोई अधिकारी पर्सनल मोबाइल फोन से फोटो लेकर चालान काटता है, तो उसकी वैधता पर सवाल उठ सकते हैं.
फाइल फोटो

e-Challan Rule : आजकल ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ई-चालान की प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है. कई बार वाहन चालकों की शिकायत होती है कि ट्रैफिक पुलिस ने उनकी फोटो खींचकर चालान भेज दिया. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या हर फोटो के आधार पर काटा गया चालान वैध होता है और अगर चालान गलत हो तो क्या किया जा सकता है. कानूनी एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर कोई पुलिस अधिकारी अपने पर्सनल मोबाइल फोन से फोटो खींचकर चालान जारी करता है, तो ऐसे चालान को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. हालांकि, अगर ट्रैफिक उल्लंघन सरकारी कैमरे या ऑथोराइज डिवाइस से रिकॉर्ड किया गया है, तो चालान वैलिड माना जाएगा. 

सबसे पहले ई-चालान स्टेटस जांचें

अगर आपके मोबाइल पर चालान का मैसेज आता है, तो सबसे पहले ऑफिशियल ई-चालान वेबसाइट पर जाकर उसका स्टेटस चेक करें. वहां व्हीकल नंबर या चालान नंबर डालकर पूरी जानकारी देखी जा सकती है. चालान में उल्लंघन का प्रकार, तारीख, समय और फोटो जैसी जानकारी उपलब्ध रहती है. अगर आपको लगता है कि चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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गलत चालान होने पर क्या करें

एडवोकेट्स के अनुसार, अगर चालान गलत है, तो आपको सबूत इकट्ठा करने चाहिए. जैसे कि उस समय की लोकेशन, CCTV फुटेज या दूसरे डॉक्युमेंट्स. इसके बाद 15 दिनों के भीतर संबंधित विभाग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है. इस दौरान वर्चुअल कोर्ट के जरिए भी चालान को चुनौती देने का ऑप्शन मौजूद है. 

ट्रैफिक चालान के लिए ऑथोराइज डिवाइस जरूरी

कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रैफिक नियमों के अनुसार चालान जारी करने के लिए ऑथोराइज और सर्टिफाइड डिवाइसेस का इस्तेमाल होता है. अगर कोई अधिकारी पर्सनल मोबाइल फोन से फोटो लेकर चालान काटता है, तो उसकी वैधता पर सवाल उठ सकते हैं. हालांकि, सरकारी कैमरों या ऑथोराइज डिवाइस से रिकॉर्ड किए गए ट्रैफिक उल्लंघन के आधार पर जारी ई-चालान पूरी तरह वैध माने जाते हैं.

एक्सपर्ट्स ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और किसी भी चालान को नजरअंदाज न करें. अगर चालान गलत लगता है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत समय रहते शिकायत दर्ज कराना जरूरी है.

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