सड़क दुर्घटनाएं आज देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं. हर साल हजारों लोग तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. बता दें कि राज्य में जल्द ही शहरों और ग्रामीण इलाकों की सड़कों के लिए भी स्पीड लिमिट तय की जाएगी. सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए इस फैसले पर काम किया जा रहा है.
आईआईटी खड़गपुर और परिवहन विभाग ने तैयार किया ड्राफ्ट
PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञ मिलकर 'उत्तर प्रदेश स्पीड मैनेजमेंट पॉलिसी' तैयार कर रहे हैं. इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, साथ ही इसे लेकर हाल ही में स्टेट रोड सेफ्टी टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विस्तार से चर्चा भी की गई. बैठक की अध्यक्षता परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने की.
बैठक के दौरान ड्राफ्ट में कुछ जरूरी सुझाव दिए गए हैं. इन सुझावों को शामिल करने के बाद पॉलिसी का फाइनल ड्राफ्ट जल्द ही प्रदेश सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
शहरों से लेकर गांवों तक तय होगी स्पीड लिमिटगौरतलब है कि अब तक केवल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ही स्पीड लिमिट तय होती है. हालांकि, इस ड्राफ्ट के पास होने के बाद शहरों की व्यस्त सड़कों, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास के रास्तों और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के लिए भी अलग-अलग स्पीड लिमिट तय की जाएगी. यानी लोग इन सड़कों पर एक तय लिमिट में ही वाहन चला पाएंगे.
परिवहन विभाग का मानना है कि सड़कों की जरूरत और ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार स्पीड लिमिट तय होने से सड़क हादसों में कमी आएगी और बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकेगी. 'उत्तर प्रदेश स्पीड मैनेजमेंट पॉलिसी' का लक्ष्य केवल दुर्घटनाएं कम करना ही नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना भी है.
यह भी पढ़ें- साइबर ठगी का नया तरीका, जानें क्या है Boss Scam? WhatsApp अकाउंट हैक कर कंपनियों को बनाया जा रहा निशाना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं