भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ आज भी कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय है. ऐसे में किसानों को समय पर वित्तीय सहायता देना सरकार की प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से दशकों पहले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की शुरुआत की गई थी. जो आज देश के करोड़ों किसानों के लिए वरदान बन चुकी है. इस योजना का दायर समय के साथ बढ़ता जा रहा है. पहले इसमें कृषि से जुड़े कामों के लिए किसानों को वित्तीय सहायता मिलती थी. लेकिन बाद में पशुपालन से लेकर अन्य कई चीजों को जोड़ा गया.
अब किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा और भी बढ़ा दिया गया है. इसमें अब बकरी पालन और सूअर पालन से जुड़े लोगों को भी कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा दिया जाएगा.
किसान क्रेडिट कार्ड से क्या-क्या हो सकता है काम
- बीज, खाद और कीटनाशक खरीदना और खेतों की सिचाई का खर्च
- खेत में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी देना
- कृषि में काम आने वाले छोटे उपकरण खरीदने में
- कृषि उपकरणों की मरम्मत और रखराव के लिए
- फसल की कटाई के बाद का खर्च
- फसल बेचने के लिए मार्केटिंग लोन
- डेयरी और पशुपालन के लिए खर्च
- मछली पालन और अन्य जलीय जीव पालन का खर्च
- मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन और रेशम कीट पालन
- अब बकरी और सुअर पालन को भी जोड़ा गया है
इसके अलावा किसान परिवार की घरेलू और उपभोग संबंधी जरूरतों के लिए KCC से पैसे निकाल सकते हैं.
KCC से लोन किसानों को किसी लंबी कागजी कार्रवाई और गारंटी के बिना बेहत कम ब्याज पर लोन मिल जाता है. किसान कृषि कार्यों के लिए पैसों की चिंता किए बिना अपने खेतों और व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड लेने की कुछ मुख्य शर्तें है. जिसमें किसान होना, खेती योग्य भूमि होना और पशुपालन के भी शेड या बुनियादी ढांचा होना, मछली पालन के लिए जमीन और तलाब का स्रोत होना जरूरी होता है.
किसान क्रेडिट कार्ड के क्या चाहिए दस्तावेज
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज जरूरी होता है. इसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, बिजली बिल, राशन कार्ड, जमीन के कागजात जरूरी होता है.
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