आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर कपल अपने भविष्य को सुरक्षित देखना चाहता है, लेकिन जब बात बीमा की आती है तो अलग-अलग पॉलिसी, ज्यादा प्रीमियम और जटिल शर्तें अक्सर परेशानी का सबब बन जाती हैं. ऐसे में अगर एक ही पॉलिसी और एक ही प्रीमियम में पति-पत्नी दोनों को मजबूत जीवन बीमा सुरक्षा मिल जाए, तो यह किसी राहत से कम नहीं. पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI) की युगल सुरक्षा योजना (Yugal Suraksha Plan) इसी सोच के साथ तैयार की गई है. यह योजना सरकारी भरोसे, बेहतर बोनस और आसान नियमों के जरिए विवाहित जोड़ों को एक साथ सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव देती है.
क्या है पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस?
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (Postal Life Insurance)भारत की सबसे पुरानी जीवन बीमा सेवाओं में से एक है. इसे 1 फरवरी 1884 को शुरू किया गया था. शुरुआत में यह स्कीम केवल डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए थी, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़ता गया. आज यह केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, अर्ध-सरकारी संस्थानों, प्रोफेशनल्स और कई अन्य वर्गों के लिए उपलब्ध है. इस योजना को इंडिया पोस्ट और संचार मंत्रालय चलाते हैं, इसलिए यह पूरी तरह सरकारी और भरोसेमंद मानी जाती है.
युगल सुरक्षा योजना क्या है?
युगल सुरक्षा योजना एक Joint Life Endowment Assurance Plan है. इसमें पति और पत्नी दोनों का जीवन एक ही बीमा पॉलिसी के तहत कवर होता है. यानी अलग-अलग पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं. एक ही प्रीमियम में दोनों को बीमा सुरक्षा और बोनस का फायदा मिलता है. यह योजना खास तौर पर उन कपल्स के लिए बनाई गई है जो साथ मिलकर अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं.
कौन ले सकता है यह पॉलिसी?
इस योजना को लेने के लिए पति-पत्नी की उम्र 21 से 45 साल के बीच होनी चाहिए. बड़े जीवनसाथी की उम्र 45 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. दोनों में से कम से कम एक व्यक्ति का PLI के लिए पात्र होना जरूरी है.
यह योजना केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी, PSU, बैंक, RBI, रक्षा सेवाएं, अर्धसैनिक बल, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, मैनेजमेंट कंसल्टेंट और कई प्रोफेशनल्स के लिए उपलब्ध है.
बीमा राशि और पॉलिसी अवधि
युगल सुरक्षा योजना (Yugal Suraksha Plan) में न्यूनतम बीमा राशि 20,000 रुपये है, जबकि अधिकतम कवर 50 लाख रुपये तक लिया जा सकता है. पॉलिसी की अवधि कम से कम 5 साल और अधिकतम 20 साल तक हो सकती है. बीमा राशि 10,000 रुपये के गुणकों यानी मल्टीप्लाय में चुनी जा सकती है, जैसे 30,000, 50,000 या इससे ज्यादा.
प्रीमियम कैसे तय होता है?
प्रीमियम पति-पत्नी की उम्र और चुनी गई पॉलिसी अवधि पर निर्भर करता है. अगर दोनों की उम्र में अंतर है, तो Equivalent Age निकाली जाती है. उदाहरण के तौर पर, अगर पति की उम्र 35 और पत्नी की 25 साल है, तो उम्र का अंतर 10 साल हुआ. ऐसे में पत्नी की उम्र में 6 जोड़कर Equivalent Age 31 मानी जाएगी. इसी उम्र के आधार पर प्रीमियम तय होता है.प्रीमियम मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना जमा किया जा सकता है. लंबे समय की पॉलिसी में प्रीमियम कम होता है.
बोनस और रिटर्न
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका अट्रैक्टिव बोनस है. फिलहाल घोषित बोनस के मुताबिक, इसमें हर साल 1,000 रुपये की बीमा राशि पर करीब 52 से 58 रुपये का बोनस मिलता है. पॉलिसी पूरी होने पर बीमा राशि के साथ पूरा बोनस दिया जाता है. इससे लंबे समय में अच्छी खासी रकम तैयार हो जाती है. इसलिए यह योजना सिर्फ बीमा ही नहीं बल्कि बचत का भी अच्छा जरिया है.
लोन, सरेंडर और डेथ बेनिफिट
पॉलिसी शुरू होने के 3 साल बाद इस पर लोन की सुविधा मिलती है. 3 साल बाद पॉलिसी सरेंडर भी की जा सकती है, हालांकि 5 साल पूरे होने से पहले सरेंडर करने पर बोनस नहीं मिलता.
अगर पति या पत्नी में से किसी एक की मृत्यु हो जाती है, तो दूसरे जीवनसाथी को पूरी बीमा राशि और अब तक का कमाया हुआ बोनस दिया जाता है.
क्यों खास है युगल सुरक्षा योजना?
एक ही पॉलिसी में पति-पत्नी दोनों की सुरक्षा, कम प्रीमियम, सरकारी गारंटी, अच्छा बोनस और लोन सुविधा, ये सभी बातें युगल सुरक्षा योजना को बेहद खास बनाती हैं. यह उन कपल्स के लिए बढ़िया विकल्प है जो सरल, भरोसेमंद और लंबे समय की फाइनेंशियल प्लानिंग करना चाहते हैं. यह योजना पति-पत्नी को एक साथ सुरक्षित भविष्य की सुविधा देती है.
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