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बिहार में अब जमीन रजिस्ट्री का नया नियम, घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन, 10 दिन में मिलेगी रिपोर्ट

बिहार में बुजुर्ग लोगों को रजिस्ट्री ऑफिस का काफी चक्कर लगाना होता है. लेकिन अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए बुजुर्ग लोगों को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे.

बिहार में अब जमीन रजिस्ट्री का नया नियम, घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन, 10 दिन में मिलेगी रिपोर्ट
बिहार में बदला जमीनी रजिस्ट्री का नियम

बिहार सरकार अब जमीन खरीदने और बेचने वालों को बड़ी राहत दी देने जा रही है. जमीन रजिस्ट्री के नाम पर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. जहां लोगों को रजिस्ट्री के लिए काफी समय तक इंतजार करना होता था. वहीं बुजुर्ग लोगों को रजिस्ट्री ऑफिस का काफी चक्कर लगाना होता है. लेकिन अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए बुजुर्ग लोगों को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे. बिहार सरकार अब जमीन रजिस्ट्री को लेकर नया नियम लागू करने जा रही है. जिसमें बुजुर्गों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिलने वाली है.

बुजुर्गों का घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाजीपुर से इसकी शुरुआत की. सबका सम्मान जीवन आसान के तहत इस सुविधा की शुरुआत की गई है. इसके तहत अब 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाने की बाध्यता नहीं होगी. अधिकारी घर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराएंगे. इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. 

पहले घर बैठे रजिस्ट्रेशन के लिए उम्र सीमा 80 वर्ष तय की गई थी लेकिन कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने इसे 75 करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया. इस पर उन्होंने सहमति दी. 

विभाग के मुताबिक राज्य के ऐसे वृद्धजन, जिनकी उम्र 75 वर्ष या उससे अधिक है और जो जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, उन्हें जरूरत पड़ने पर घर पर ही निबंधन से संबंधित सभी सेवाएं दी जाएंगी. इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा मोबाइल निबंधन इकाई के माध्यम से तय समय-सीमा के भीतर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया समय सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बुजुर्गों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो. 

रजिस्ट्री से पहले भूमि की पूरी और अपडेट जानकारी खरीदने वाले और बेचने वाले दोनों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. GIS तकनीक के माध्यम से भूमि या संपत्ति का डिजिटल और जियो टैगिंग से स्थलीय निरिक्षण किया जाएगा. अंचलाधिकारी के स्तर पर प्री वेरिफिकेशन होगा. पूरा रजिस्ट्रेशन सिस्टम ऑनलाइन होगा. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी होगी. इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे.

सामान्य रजिस्ट्री के लिए भी बदला नियम

बिहार में जमीन विवाद काफी अधिक है और कोर्ट में हजारों की संख्या में मुकदमें दर्ज है, जिसका निपटारा नहीं हुआ है. ऐसे में जमीन विवाद को खत्म करने लिए सम्राट सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत जमीन खरीदने वालों को रजिस्ट्री से पहले जमीनी की आधिकारिक और अपडेटेड कानूनी स्थिति की गारंटी दी जाएगी. जबकि समय से काम पूरा करने लिए संबंधित अंचल के सीओ और राजस्व अधिकारी को केवल 10 दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देनी होगी. 

बताया जा रहा है कि इस नए नियम से उस धोखाधड़ी पर लगाम लगेगा, जिसमें जालसाजों द्वारा एक ही जमीन को दो अलग-अलग खरीदारों को बेच दिया जाता है. पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई लगाने के बाद भी ठगे जाते हैं और न्याय की गुहार लगाते हुए सालों-साल अदालतों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं.  पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई लगाने के बाद भी ठगे जाते हैं और न्याय की गुहार लगाते हुए सालों-साल अदालतों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं. 

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