Government Schemes For Pregnant Women : प्रेग्नेंसी किसी भी महिला की जिंदगी का बेहद अहम दौर होता है. इस दौरान सिर्फ शारीरिक बदलाव ही नहीं आते, बल्कि इलाज, टेस्ट, न्यूट्रिशन, अस्पताल और डिलीवरी से जुड़े खर्च भी तेजी से बढ़ने लगते हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों और कम आय वाले परिवारों के लिए यह आर्थिक दबाव और ज्यादा बड़ा हो सकता है. इसी वजह से केंद्र और राज्य सरकारें कई ऐसी स्कीमें चलाती हैं, जिनका मकसद गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद, फ्री इलाज, पोषण और सुरक्षित डिलीवरी जैसी सुविधाएं देना है. किसी भी स्कीम का फायदा लेने से पहले उसकी एलिजिबिलिटी, नियम और आधिकारिक जानकारी को समझना जरूरी हो जाता है. आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं के लिए चल रही ऐसी 10 बड़ी सरकारी स्कीमों के बारे में, जो इलाज से लेकर डिलीवरी और न्यूट्रिशन तक में मददगार साबित हो सकती हैं.
गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली स्कीम्स ये हैं
जननी सुरक्षा योजना
जननी सुरक्षा योजना यानी JSY का मकसद महिलाओं को अस्पताल में सुरक्षित डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित करना है. इस स्कीम के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. ग्रामीण और शहरी इलाकों के हिसाब से राशि अलग हो सकती है. योजना की जानकारी nhm.gov.in पर उपलब्ध है.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
PMMVY के जरिए पहली जीवित संतान के लिए गर्भवती महिलाओं को किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है. मौजूदा नियमों के मुताबिक 5000 रुपये तक का लाभ मिल सकता है. दूसरी संतान बेटी होने पर अतिरिक्त लाभ का भी दिया जाता है. जानकारी pmmvy.wcd.gov.in पर देखी जा सकती है.
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जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम
JSSK के तहत सरकारी अस्पतालों में कई सुविधाएं फ्री मिलती हैं. इसमें नॉर्मल डिलीवरी, C-section, दवाइयां, जांच, ब्लड ट्रांसफ्यूजन और अस्पताल आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्ट जैसी सेवाएं शामिल हैं.
आयुष्मान भारत PM-JAY
इस स्कीम के जरिए पात्र परिवारों को हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिलता है. हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, इमरजेंसी हॉस्पिटलाइजेशन और जरूरत पड़ने पर C-section जैसी सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है. पात्रता और अस्पतालों की लिस्ट pmjay.gov.in पर उपलब्ध है.
आंगनवाड़ी और ICDS सेवाएं
ICDS में आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए गर्भवती महिलाओं को सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन, हेल्थ चेकअप और पोषण संबंधी सलाह दी जाती है. ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में महिलाएं इसका फायदा उठाती हैं.
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
PMSMA के जरिए हर महीने की 9 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में फ्री प्रसवपूर्व जांच की सुविधा मिलती है. इसमें हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और जरूरी टेस्ट भी किए जाते हैं.
मिशन इंद्रधनुष और लक्ष्य कार्यक्रम
मिशन इंद्रधनुष में प्रेग्नेंसी के दौरान जरूरी टीके लगाए जाते हैं, ताकि मां और बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सके. वहीं LaQshya initiative का मकसद सरकारी अस्पतालों में लेबर रूम और मेटरनिटी केयर की क्वालिटी बेहतर बनाना है.
मुफ्त एम्बुलेंस और राज्य सरकारों की स्कीमें
कई राज्यों में 102 और 108 जैसी फ्री एम्बुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध हैं. इसके अलावा कुछ राज्य सरकारें न्यूट्रिशन किट, अतिरिक्त आर्थिक सहायता और फ्री ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं भी देती हैं. किसी भी सरकारी स्कीम का फायदा लेने से पहले उसकी एलिजिबिलिटी, जरूरी डॉक्युमेंट्स और आवेदन प्रक्रिया को सही तरीके से समझ लेना जरूरी है. इसके लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल, आंगनवाड़ी केंद्र या ASHA वर्कर से जानकारी लेना सबसे बेहतर माना जाता है.
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