उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में हर साल 15 जून को बाबा नीम करौली महाराज के आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाता है. इस पावन अवसर पर मेले और भंडारे का आयोजन होता है. 15 जून को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. वहीं, कैंची धाम मेले की तैयारियां धूम-धाम से चल रही हैं. इसके चलते एक महीने से धाम में हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है, जिसका समापन 12 जून को हो गया है. साथ ही आज यानी 13 जून को रमायण पाठ का भी समापन हो जाएगा. वहीं, 14 जून को वन और 15 जून को प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा.
किए गए सभी जरूरी इंतजाम
कैंची धाम ट्रस्ट के सचिव आलोक चोपड़ा ने न्यूज एजेंसी IANS को बताया कि लगभग 14 जून की रात तक मालपुआ बनाने का कार्यक्रम चलेगा. 15 जून से कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है. उनकी कोशिश रहेगी कि सभी श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं. सभी स्वयंसेवक हैं, वे भारतीय रक्षा बल और पुलिस के अनुभवी हैं. मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक, हमारे लोग दर्शनार्थियों की मदद करेंगे ताकि वे आराम से दर्शन कर सकें.

गर्मी को देखकर की गई व्यवस्था
साथ ही उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए जगह-जगह जवान और कर्मचारी तैनात रहेंगे. श्रद्धालु बैरिकेड्स के बीच से व्यवस्थित तरीके से दर्शन करेंगे. दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद दिया जाएगा.इसके लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात रहेगी. गर्मी को देखते हुए पानी और जूस की भी व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं.
प्रसाद वितरण के बाद समारोह का समापन
कैंची धाम के प्रमुख और न्यासी प्रदीप शाह ने बताया कि 15 जून को प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा. उन्होंने कहा कि सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रसाद वितरण कार्यक्रम के बाद यह समारोह समाप्त हो जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रसाद वितरण की कोई विशेष जानकारी नहीं है और न ही प्रसाद कभी मापकर बनाया जाता है. जैसी व्यवस्था होती है और पिछले साल के अनुमान के हिसाब से हर साल व्यवस्था की जाती है. बस कोशिश यही होती है कि हर किसी को प्रसाद मिल जाए.

नैनीताल पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी
कैंची धाम के इस समारोह में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नैनीताल पुलिस ने ट्रैफिक को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं. पुलिस के दिशानिर्देशों के अनुसार, 13 जून से 16 जून तक भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी. श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा और विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है. इतना ही नहीं, मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को निजी चौपहिया वाहन लाने पर भी रोक लगाई जा रही है. दोपहिया वाहनों को भी भवाली क्षेत्र में निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इससे कैंची धाम क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा. साथ ही भवाली, नैनीबैंड, ज्योलीकोट, हल्द्वानी और अन्य प्रमुख स्थानों पर अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं.
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