- दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों की परेशानी बढ़ी.
- GRAP-2 लागू होने से मजदूरों पर संकट का साया.
- रोजाना कमाने वाले मजदूरों की आजीविका छिनी.
दिल्ली-एनसीआर में हर साल की तरह इस साल भी सर्दियों की शुरुआत होते ही वायु प्रदूषण गंभीर रूप से बढ़ने लगा है. इस स्थिति से निपटने के लिए पर्यावरण प्रबंधन और वायु गुणवत्ता आयोग (CAQM) द्वारा सख्त विंटर एक्शन प्लान GRAP-2 लागू किया गया है. इसके तहत दिल्ली-एनसीआर में निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक लगाई गई है. प्रदूषण पर लगाम लगाने के प्रशासनिक कदम अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन इस सख्ती का सबसे बड़ा और सीधा असर उन लाखों दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर पड़ता है, जो रोज की कमाई पर रहते हैं.
निर्माण कार्यों पर रोक और मजदूरों की आर्थिक चिंता
सर्दियों के महीनों में लागू होने वाले इन प्रतिबंधों के तहत शहर में धूल उड़ने वाले बाहरी निर्माण और सिविल कार्यों को रोक दिया जाता है. जो श्रमिक रोजाना निर्माण स्थलों पर मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं, उनके लिए काम का रुकना किसी बड़े झटके से कम नहीं है. विशेषज्ञों और श्रमिक संगठनों का मानना है कि निर्माण कार्यों पर अचानक रोक लगने से दिहाड़ी मजदूरों के सामने आजीविका कमाने का संकट खड़ा हो जाता है. कई मजदूर काम की तलाश में महीनों तक खाली बैठने या वापस अपने गांव लौटने को मजबूर हो जाते हैं.
पर्यावरण और आजीविका के बीच संतुलन की चुनौती
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते AQI को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) और अन्य पाबंदियां अनिवार्य मानी जाती हैं, ताकि जहरीली हवा से नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके. लेकिन जानकारों का सुझाव है कि केवल 'काम पूरी तरह बंद करने' की नीति अपनाने के बजाय प्रशासन को कड़े नियम और एसओपी (SOP) के तहत उन निर्माण स्थलों पर काम जारी रखने की अनुमति देनी चाहिए जो धूल नियंत्रण के सभी मानकों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, लेकिन पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से पहले मजदूरों के आर्थिक सुरक्षा विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें | दिवाली से पहले 'जहरीली' हुई दिल्ली-NCR की हवा, GRAP-II की पाबंदियां लागू, जानिए क्या खुला, क्या बंद
यह भी पढ़ें | दिल्ली-NCR में धुंध की चादर, कई इलाकों का AQI 400 पार; 3 से 5 नवंबर तक बेहद खराब रहेगी हवा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं