केंद्र सरकार ने 1 फरवरी से हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 2025 लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. एक्ट के तहत गुटखा, पान मसाला समेत तंबाकू प्रॉडक्ट्स पर भारी-भरकम टैक्स लगाया जाएगा. सरकार ने ये भी बताया है कि तंबाकू उत्पादों पर GST दरों को रिवाइज करते हुए, 28% वाले स्लैब से कुछ वस्तुओं को 18% वाले स्लैब और 40% वाले स्लैब में ट्रांसफर किया गया है. मूल बात ये है कि 1 फरवरी से सिगरेट,पान-मसाला, गुटखा वगैरह महंगे हो जाएंगे. यानी तंबाकू, सिगरेट वगैरह का सेवन करने वालों की जेब ज्यादा ढीली होगी.
कितना बढ़ जाएगा टोटल टैक्स?
सिगरेट, तंबाकू और अन्य उत्पादों पर टैक्स काफी बढ़ जाएगा. ऐसे में कंपनियां भी इन उत्पादों के दाम बढ़ा सकती है. बताया जा रहा है कि नए टैक्स स्ट्रक्चर में सिगरेट पर 40% GST के अलावा नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाई जाएगी. साथ ही मौजूदा NCCD यानी नेशनल क्लेमिटी कंटिंजेंट ड्यूटी भी शामिल होगा. ऐसे में तंबाक प्रोडक्ट्स पर टैक्स की दरें, मौजूदा 54% से बढ़कर और ज्यादा हो जाएंगी.
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 फरवरी से एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और नया सेस लागू होगा. इसके बाद तंबाकू प्रोडक्ट्स पर टैक्स की दरें काफी बढ़ जाएंगी. बताया जा रहा है कि सिगरेट पर टैक्स का बढ़कर 66% तक होने की संभावना है. ऐसे में तंबाकू प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर असर होगा और ऐसा हुआ तो कंपनियां सिगरेट और दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट्स के दाम भी बढ़ा सकती हैं.

10 रुपये वाला सिगरेट कितने का मिलेगा?
टैक्स बढ़ने पर दो स्थितियां हो सकती हैं. पहली ये कि टैक्स का बोझ कंपनी वहन करे, ऐसे में उसका प्रॉफिट मार्जिन कम हो जाएगा. कोई भी कंपनी शायद ही ऐसा चाहेगी कि टैक्स का पूरा बढ़ा हुआ बोझ केवल वो खुद वहन करे. अब आते हैं दूसरी स्थिति पर, जब कंपनी टैक्स का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती है. ऐसा हुआ तो कहा जा रहा है कि सिगरेट की कीमतें 35 फीसदी तक बढ़ सकती है.
ऐसे में 10 रुपये में मिलने वाली सिगरेट की कीमत हो जाएगी= 10+ (10 x 35%)= 13.50 रुपये. यानी मोटा-मोटी राउंड फिगर में देखा जाए जो 10 रुपये की सिगरेट के लिए आपको 14 रुपये तक देने पड़ सकते हैं. हालांकि ये कैलकुलेशन पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
और किन-किन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं?
इस एक्ट की खास बात यह है कि इसमें टैक्स उत्पादन की वास्तविक मात्रा पर नहीं, बल्कि मशीन की उत्पादन क्षमता के आधार पर वसूला जाएगा. नोटिफिकेशन में बताया गया कि इसमें पैकिंग मशीनों की सहायता से निर्मित और पाउच में पैक किए गए चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा को निर्दिष्ट किया गया है, जिन पर मशीन की क्षमता और खुदरा विक्रय मूल्य के आधार पर शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में बीड़ी के बारे में कोई बात स्पष्ट तौर पर नहीं है. RSP-बेस्ड GST बीड़ी को छोड़कर बाकी सभी बड़े तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लगाया जाता है.
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