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भारत में बेहद प्रसिद्ध हैं ये 8 दुर्गा मंदिर, दर्शन मात्र से होता है अनोखी शक्ति का एहसास, इस नवरात्रि दर्शन को जरूर जाएं

Chaitra Navratri 2025 : भारत के 8 दुर्गा मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र हैं, बल्कि यहां का वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है. नवरात्रि के दौरान इन मंदिरों की भव्यता और दिव्यता अपने चरम पर होती है. 

भारत में बेहद प्रसिद्ध हैं ये 8 दुर्गा मंदिर, दर्शन मात्र से होता है अनोखी शक्ति का एहसास, इस नवरात्रि दर्शन को जरूर जाएं
भारत में बेहद प्रसिद्ध हैं ये 8 दुर्गा मंदिर

Chaitra Navratri 2025: भारत आस्था, परंपरा और दिव्यता की भूमि है. यहां के हर मंदिर की अपनी अनूठी कहानी है, जो भक्तों को न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक अनुभव भी प्रदान करती है. देवी दुर्गा के मंदिर शक्ति और भक्ति के ऐसे केंद्र हैं, जहां हर नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं. कुछ मंदिर पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर स्थित हैं, तो कुछ सदियों पुरानी गुफाओं में, लेकिन हर मंदिर की अपनी विशेष महिमा है. इस नवरात्रि, अगर आप देवी दुर्गा के अनोखे मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो ये 8 पवित्र स्थल आपके लिए आदर्श रहेंगे.  

चैत्र नवरात्रि में करें इन 8 मंदिरों के दर्शन (Visit These 8 Temples In Chaitra Navratri)

1. वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू-कश्मीर  (Vaishno Devi Temple, Jammu & Kashmir)

उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल, माता वैष्णो देवी का मंदिर, त्रिकुटा पर्वत की गुफा में स्थित है. यहां तक पहुंचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की यात्रा करनी होती है, जिसे पैदल, टट्टू या हेलिकॉप्टर से तय किया जा सकता है. गुफा के भीतर माता के तीन पिंडी रूपों के दर्शन होते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए बहुत पवित्र माने जाते हैं. यहां का वातावरण "जय माता दी" के नारों और भक्ति से गूंजता रहता है.  

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2. कामाख्या मंदिर, असम  (Kamakhya Temple, Assam)
गुवाहाटी में स्थित यह शक्तिपीठ देवी दुर्गा के एक विशेष रूप, माता कामाख्या को समर्पित है. यह मंदिर स्त्री ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और यहां का वार्षिक अम्बुबाची मेला विशेष रूप से प्रसिद्ध है. इस मंदिर की वास्तुकला और इसकी आध्यात्मिक महिमा इसे दुर्गा उपासकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाती है.  

3. ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश  (Jwala Devi Temple, Himachal Pradesh)
कांगड़ा जिले में स्थित इस मंदिर में देवी की मूर्ति नहीं, बल्कि यहां एक चमत्कारी अग्नि प्रज्वलित रहती है, जिसे दिव्य ज्वाला माना जाता है. यह भारत के सबसे रहस्यमय मंदिरों में से एक है, जहां प्राचीन काल से अग्नि ज्योतियां प्रज्वलित रहती हैं. इसे देवी का प्रत्यक्ष स्वरूप माना जाता है और भक्त यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं.  

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4. चामुंडेश्वरी मंदिर, कर्नाटक  (Chamundeshwari Temple, Karnataka)
मैसूर की चामुंडी पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर देवी चामुंडेश्वरी को समर्पित है, जो दुर्गा का ही एक उग्र रूप हैं. यहां तक पहुंचने के लिए 1,000 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन जब भक्त मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें एक अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है. दशहरा के समय यहां विशेष रूप से भव्य आयोजन होते हैं.  

5. कालीघाट मंदिर, पश्चिम बंगाल  (Kalighat Temple, West Bengal)
कोलकाता में स्थित यह मंदिर मां काली को समर्पित है, जिन्हें देवी दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है. यह भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां मां सती के शरीर का एक हिस्सा गिरा था. मंदिर का वातावरण हमेशा भक्तों की आस्था और भक्ति से भरा रहता है. नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल अत्यंत दिव्य और उल्लासपूर्ण होता है.  

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6. महालक्ष्मी मंदिर, महाराष्ट्र  (Mahalakshmi Temple, Maharashtra)
कोल्हापुर में स्थित यह मंदिर देवी महालक्ष्मी को समर्पित है, जिन्हें दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है. यह मंदिर वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण बहुत प्रसिद्ध है. यहां यह विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.  

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7. करणी माता मंदिर, राजस्थान  (Karni Mata Temple, Rajasthan)
बीकानेर में स्थित इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हज़ारों चूहों को पवित्र माना जाता है. इन्हें "काबा" कहा जाता है और यह माना जाता है कि ये देवी के भक्तों का पुनर्जन्म हैं. यदि कोई भक्त यहां सफेद चूहे के दर्शन कर ले, तो उसे अत्यंत शुभ माना जाता है. यह भारत के सबसे अनोखे मंदिरों में से एक है.  

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8. दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पश्चिम बंगाल  (Dakshineswar Kali Temple, West Bengal)
हुगली नदी के तट पर स्थित यह मंदिर देवी काली को समर्पित है. इसे 19वीं शताब्दी में रानी रश्मोनी ने बनवाया था और यह महान संत रामकृष्ण परमहंस से भी जुड़ा हुआ है. इस मंदिर की भव्यता, नदी के किनारे की सुंदरता और आध्यात्मिकता इसे नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से दर्शनीय बनाती है.  

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