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Women Of Iran

'Women Of Iran' - 5 News Result(s)
  • 74 कोड़े मारे फिर भी नहीं डरींः इन बेखौफ महिलाओं की आवाज से ईरान की सत्ता डर गई

    74 कोड़े मारे फिर भी नहीं डरींः इन बेखौफ महिलाओं की आवाज से ईरान की सत्ता डर गई

    ईरान के हर बड़े आंदोलन के पीछे महिलाएं रही है. लेकिन यह भी सच है कि जिन महिलाओं ने सबसे पहले डर तोड़ा, वही सबसे पहले कुचली भी गईं. कुछ को गोली मिली. कुछ को फांसी. कुछ आज भी जेलों में सड़ रही हैं. कुछ ऐसी हैं जिनका नाम लेने से भी सत्ता आज डरती है.

  • Women's Day Special: ईरान की बेहद सफल, प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी ये महिलाएं

    Women's Day Special: ईरान की बेहद सफल, प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी ये महिलाएं

    ईरान की महिलाओं की कहानी केवल संघर्ष, हिजाब या विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा, साहस और आत्मसम्मान की एक लंबी लड़ाई की कहानी है. सख्त राजनीतिक व्यवस्था, सामाजिक नियंत्रण और धार्मिक नियमों के बावजूद ईरानी महिलाओं ने शिक्षा, विज्ञान, कानून, सिनेमा, खेल और डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी.

  • ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग

    ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग

    ईरान में लड़कियों अपने दमन और उत्पीड़न की परवाह किए बिना, अपने कटे होंठों से बहते लहू के साथ मोर्चे पर हैं, ईरान को बदलने की बात कर रही हैं. वैसे ईरान में लड़कियों की यह जुझारू भूमिका नई नहीं है.

  • निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    क्या हिंदुस्तान में किसी महिला के नाखून काटने पर या बाल काटने पर यहां के समाज और सत्ता को डर लग सकता है? निश्चय ही यह सवाल ही मजाकिया लगता है! यहां ऐसी घटनाएं खबरों में आकर गायब हो जाएंगी, लोग इन बातों को हंसी-मजाक में उड़ा देंगे. नाख़ून काटने और बाल काटने में कोई अंतर नहीं. दोनों ही शरीर के अतिरिक्त हिस्से हैं जिसकी कटाई छंटाई अपने मनमुताबिक की जाती है. लेकिन यह मजाकिया लगने वाली बातें भी बड़े विद्रोह का माध्यम बन सकती है. अगर महिलाएं बाल काटकर प्रतिरोध कर रही हैं तो इससे समझा जा सकता है कि मजहबी कानूनों से संचालित देशों में इक्कीसवीं सदी में महिलाओं की हैसियत क्या है! दासता जितनी मजबूत होती है, प्रतिरोध के तरीके उतने छोटे और मजाकिया लगते हैं. ईरान की महिलाओं का विद्रोह उसकी दासता की चरम स्थिति को बताता है, इसलिए वहां महिलाओं के विरोध के तरीके भी ऐसे ही हैं. 

  • ईरान में पर्दा बवाल: 22 साल की महिला की मौत पर आक्रोश, महिलाओं ने जलाए हिजाब, काटे बाल

    ईरान में पर्दा बवाल: 22 साल की महिला की मौत पर आक्रोश, महिलाओं ने जलाए हिजाब, काटे बाल

    ईरान में हिजाब विवाद ने तूल पकड़ लिया है. 22 वर्षीय महिला महसा अमीनी की मौत के बाद अब महिलाएं हिजाब जलाकर और कुछ महिलाएं अपने बाल काटकर अपना विरोध दर्ज कर रही हैं.

'Women Of Iran' - 5 News Result(s)
  • 74 कोड़े मारे फिर भी नहीं डरींः इन बेखौफ महिलाओं की आवाज से ईरान की सत्ता डर गई

    74 कोड़े मारे फिर भी नहीं डरींः इन बेखौफ महिलाओं की आवाज से ईरान की सत्ता डर गई

    ईरान के हर बड़े आंदोलन के पीछे महिलाएं रही है. लेकिन यह भी सच है कि जिन महिलाओं ने सबसे पहले डर तोड़ा, वही सबसे पहले कुचली भी गईं. कुछ को गोली मिली. कुछ को फांसी. कुछ आज भी जेलों में सड़ रही हैं. कुछ ऐसी हैं जिनका नाम लेने से भी सत्ता आज डरती है.

  • Women's Day Special: ईरान की बेहद सफल, प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी ये महिलाएं

    Women's Day Special: ईरान की बेहद सफल, प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी ये महिलाएं

    ईरान की महिलाओं की कहानी केवल संघर्ष, हिजाब या विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा, साहस और आत्मसम्मान की एक लंबी लड़ाई की कहानी है. सख्त राजनीतिक व्यवस्था, सामाजिक नियंत्रण और धार्मिक नियमों के बावजूद ईरानी महिलाओं ने शिक्षा, विज्ञान, कानून, सिनेमा, खेल और डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी.

  • ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग

    ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग

    ईरान में लड़कियों अपने दमन और उत्पीड़न की परवाह किए बिना, अपने कटे होंठों से बहते लहू के साथ मोर्चे पर हैं, ईरान को बदलने की बात कर रही हैं. वैसे ईरान में लड़कियों की यह जुझारू भूमिका नई नहीं है.

  • निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    क्या हिंदुस्तान में किसी महिला के नाखून काटने पर या बाल काटने पर यहां के समाज और सत्ता को डर लग सकता है? निश्चय ही यह सवाल ही मजाकिया लगता है! यहां ऐसी घटनाएं खबरों में आकर गायब हो जाएंगी, लोग इन बातों को हंसी-मजाक में उड़ा देंगे. नाख़ून काटने और बाल काटने में कोई अंतर नहीं. दोनों ही शरीर के अतिरिक्त हिस्से हैं जिसकी कटाई छंटाई अपने मनमुताबिक की जाती है. लेकिन यह मजाकिया लगने वाली बातें भी बड़े विद्रोह का माध्यम बन सकती है. अगर महिलाएं बाल काटकर प्रतिरोध कर रही हैं तो इससे समझा जा सकता है कि मजहबी कानूनों से संचालित देशों में इक्कीसवीं सदी में महिलाओं की हैसियत क्या है! दासता जितनी मजबूत होती है, प्रतिरोध के तरीके उतने छोटे और मजाकिया लगते हैं. ईरान की महिलाओं का विद्रोह उसकी दासता की चरम स्थिति को बताता है, इसलिए वहां महिलाओं के विरोध के तरीके भी ऐसे ही हैं. 

  • ईरान में पर्दा बवाल: 22 साल की महिला की मौत पर आक्रोश, महिलाओं ने जलाए हिजाब, काटे बाल

    ईरान में पर्दा बवाल: 22 साल की महिला की मौत पर आक्रोश, महिलाओं ने जलाए हिजाब, काटे बाल

    ईरान में हिजाब विवाद ने तूल पकड़ लिया है. 22 वर्षीय महिला महसा अमीनी की मौत के बाद अब महिलाएं हिजाब जलाकर और कुछ महिलाएं अपने बाल काटकर अपना विरोध दर्ज कर रही हैं.